डॉ. (सुश्री) टेसी थॉमस
डॉ. (सुश्री) टेसी थॉमस
डीएस एवं महानिदेशक - वैमानिकी प्रणाली (एएस)

दत. टेसी थॉमस, एक प्रख्यात वैज्ञानिक व महानिदेशक एयरोनॉटिकल सिस्टम्स (एएस) ने 1985 में कैलिकट विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक प्राप्त की और 1986 में आयुध प्रौद्योगिकी संस्थान (अब रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान), पुणे से गाइडेड मिसाइल्स में एमई प्राप्त की और 2014 में जवाहरलाल नेहरु टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जेएनटीयू), हैदराबाद से मिसाइल गाइडेंस में पीएचडी प्राप्त की। उन्होंने 2007 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से ऑपरेशंस मैनेजमेंट में एमबीए प्राप्त की।

टेसी थॉमस वर्ष 1986 में गाइडेड मिसाइल्स में एक संकाय सदस्य के रूप में आईएटी, पुणे में शामिल हुई। वे हैदराबाद में 1988 में वैज्ञानिक 'बी' के रूप में जड़त्वीय नेविगेशन समूह में शामिल हुई। वे अग्नि कार्यक्रम के साथ उसकी विकासात्मक उड़ानों से ही संबंधित हैं। उन्होंने लंबी दूरी वाली मिसाइल प्रणालियों के लिए मार्गदर्शन योजना को डिज़ाइन किया है जिसका इस्तेमाल सभी अग्नि मिसाइलों में किया जाता है। पूर्ण रूप से ठोस चालित लंबी दूरी की प्रणालियों के लिए देश में पहली बार ऊर्जा प्रबंधन मार्गदर्शन योजना का डिज़ाइन और विकास किया गया था जिसके लिए उन्हें वर्ष 2001 में अग्नि आत्मनिर्भरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

32 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने मार्गदर्शन, नियंत्रण जड़त्वीय नेविगेशन, ट्रेजेक्टरी सिमुलेशन और मिशन डिज़ाइन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दिया है। उन्होंने पहली बार अनेक नई प्रौद्योगिकियों वाली अत्याधुनिक प्रणाली के लिए परियोजना निदेशक के रूप में मुख्य परियोजना अग्नि-4 का नेतृत्व किया और उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया और उसे सिद्ध किया और वे लंबी दूरी वाली अग्नि-5 प्रणाली के लिए परियोजना निदेशक (मिशन) भी थी और और उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया और उसे सिद्ध किया। एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी, डीआरडीओ के निदेशक के रूप में, उन्होंने बहु-आयामी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निभाई और सामरिक मिसाइल प्रणाली के विकास का नेतृत्व किया। वर्तमान में, वे महानिदेशक के रूप में एयरोनॉटिकल सिस्टम्स क्लस्टर लेबोरेटरीज़ का नेतृत्व कर रही हैं।

डॉ. टेसी थॉमस को अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हैं जिनमें शामिल हैं: आत्मनिर्भरता में उत्कृष्टता के लिए डीआरडीओ अग्नि पुरस्कार - 2001; अग्रणी अनुसंधान/उत्कृष्ट प्रौद्योगिकी विकास के लिए डीआरडीओ पुरस्कार - 2007; डीआरडीओ वर्ष का वैज्ञानिक पुरस्कार - 2008; 2011 में अग्नि 4 के लिए डीआरडीओ उत्कृष्ट प्रदर्शन पुरस्कार; 2012 में अग्नि 5 के लिए डीआरडीओ उत्कृष्ट प्रदर्शन पुरस्कार; लोक प्रशासन अकादमिक व प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय पुरस्कार - 2012; 2009 में द इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियर्स (भारत), नेशनल डिज़ाइन एंड रिसर्च फोरम फॉर इंजीनियरिंग डिज़ाइन द्वारा सुमन शर्मा पुरस्कार; मैडम मैरी क्युरी महिला विज्ञान पुरस्कार - 2012; इंडिया टुडे वुमेन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार - 2009; सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार - 2012; अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा शानदार महिला पुरस्कार - 2013; केरल सरकार के सामाजिक न्याय विभाग द्वारा वनिता रत्नम पुरस्कारम, मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए वर्ष 2014 के लिए डॉ. वाई. नायुदाम्मा मेमोरियल पुरस्कार, द इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स (भारत), तेलंगाना राज्य केंद्र, हैदराबाद द्वारा स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों के डिज़ाइन, विकास और स्थापना की दिशा में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शानदार योगदान की दिशा में "भारत रत्न सर मोक्षगुंदम विश्वेशराय पुरस्कार - 2016", आंध्र प्रदेश साइंस कांग्रेस, आंध्र प्रदेश विज्ञान अकादमी द्वारा मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2016 में "विख्यात महिला वैज्ञानिक पुरस्कार"।

वह फेलो ऑफ़ इंडियन नेशनल अकैडमी ऑफ़ इंजीनियरिंग (एफएनएई) हैं, फेलो ऑफ़ तेलंगाना अकैडमी ऑफ़ साइंसेस (एफटीएएस) हैं, फेलो ऑफ़ इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स इंडिया (एफआईई) हैं, इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (आईईईई) की वरिष्ठ सदस्य हैं, एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (एएसआई) की आजीवन सदस्य हैं, एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (एईएसआई) की आजीवन सदस्य हैं, इंडियन नेशनल सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस एंड रिलेटेड मेकनिज्म्स (आईएनएसएआरएम) की आजीवन सदस्य हैं, इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ़ मटेरियल्स एंड प्रोसेस इंजीनियरिंग (आईएसएएमपीई) की आजीवन सदस्य हैं, सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस क्वालिटी एंड रिलायबिलिटी (एसएक्यूआर) की आजीवन सदस्य हैं।

  • 2012 में कल्याणी विश्विद्यालय, पश्चिम बंगाल से अंतरिक्ष विज्ञान में डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
  • 2012 में मंगलयतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
  • 2014 में हिन्दुस्तान विश्वविद्यालय, चेन्नई से डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
  • 2015 में श्री पद्मावती महिला विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी से डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
  • 2016 में आईटीएम विश्वविद्यालय से डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (मानद उपाधि)।
  • 2017 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्विद्यालय, आगरा से डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
  • 2018 में कर्नाटक केंद्रीय विश्विद्यालय से डॉक्टर ऑफ़ साइंस (मानद उपाधि)।
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