निदेशक नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL)
डॉ. एम पत्री
निदेशक, नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL)

डॉ. मनोरंजन पत्री, वैज्ञानिक 'जी' को 1 अगस्त 2017 के नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने ब्रह्मपुर यूनिवर्सिटी, उड़ीसा से यूनिवर्सिटी गोल्ड मैडल सहित रसायन विज्ञान में एमएससी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1990 में, आईआईटी दिल्ली से 'पॉलिमर सिंथेसिस एंड कैरेक्टराइज़ेशन' के क्षेत्र में पीएचडी की।

डॉ. मनोरंजन पत्री, वर्ष 1988 में नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एनएमआरएल) अंबरनाथ में शामिल हुए और वे नौसेना अनुप्रयोग हेतु पॉलिमरयुक्त एवं रबर उत्पादों के डिजाइन, विकास और उत्पादन पर अनुसंधान और विकास कार्य में सबसे आगे रहे है। उन्होंने इंटरप्रेनेट्रेटिंग पॉलिमर नेटवर्क (आईपीएन) की श्रृंखला, टिन आधारित एंटीफाउलिंग रेज़िन और पेंट के उत्पादन, समुद्री अनुप्रयोग के लिए विभिन्न प्रकार के रबर उत्पाद, फ्यूल सेल के लिए पॉलीमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन, पॉलिमर नैनोकंपोसिटेस, प्रकाश उत्सर्जक और इलेक्ट्रो-सक्रिय पॉलिमर, उच्च शक्ति एपोक्सी और रबर एडहेसिव, पॉलीयुरेथेन सीलेंट, पॉलिमरिक रबिंग फेंडर आदि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें से कई उत्पादों को उत्पादित किया गया है, और उन्हें भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है तथा इन सभी उत्पादों की प्रौद्योगिकियों को उद्योगों को हस्तांतरित कर दिया गया है।

डॉ. मनोरंजन पत्री निदेशक, एनएमआरएल के रूप में, नौसेना अनुप्रयोगों जैसे कि समुद्री सामग्रियों, सुरक्षात्मक प्रौद्योगिकियों, सिरेमिक्स, पॉलिमर, फ्यूल सेल इत्यादि के लिए सामग्रियों और प्रणालियों के क्षेत्रों में वैज्ञानिकों की एक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

डॉ. मनोरंजन पत्री के पास अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में 70 प्रकाशन, 23 सम्मेलन पत्र और उनके नाम पर 14 पेटेंट हैं। उन्होंने 6 पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन भी किया है। वे इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई में वर्ष 2010-2011 हेतु पॉलिमर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में के.एस.एस. राघवन केमिकल वीकली विजिटिंग प्रोफेसर रहें।

डॉ. मनोरंजन पत्री को वर्ष 2001 में 'प्रयोगशाला स्तरीय वर्ष का वैज्ञानिक पुरस्कार' एवं 'डीआरडीओ प्रौद्योगिकी प्रशस्ति-पत्र', वर्ष 2002 में 'डीआरडीओ विज्ञान पुरस्कार प्रशस्ति-पत्र' तथा वर्ष 2008 में 'प्रयोगशाला स्तरीय प्रौद्योगिकी समूह पुरस्कार' मिला है। हाल ही में उन्हें 'आत्मनिर्भरता में उत्कृष्टता हेतु डीआरडीओ अग्नि पुरस्कार-2015' से भी सम्मानित किया गया था।

वह विभिन्न व्यावसायिक सोसाइटियों के सदस्य हैं, जिनमें दि सोसाइटी ऑफ पॉलिमर साइंस, इंस्टीट्यूट ऑफ स्मार्ट स्ट्रक्चर्स एंड सिस्टम्स, एकॉस्टिक सोसाइटी ऑफ इंडिया, एशियन पॉलिमर एसोसिएशन और उड़ीसा केमिकल सोसाइटी शामिल हैं।

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