श्री पी टी राजोतकर
श्री पी टी राजोतकर
निदेशक, नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एन एम आर एल)

श्री पी टी राजोतकर आर्टिलरी रॉकेट और इसकी लॉन्चिंग, C3I और सपोर्ट सिस्टम के विकास में एक मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित पिनाका हथियार प्रणाली के डिजाइन एवं विकास में खास भूमिका निभाई है, जो आज भारतीय सेना के पास है। उनके नेतृत्व में पिनाका हथियार प्रणाली का उत्पादन और उसका एएचएसपी (AHSP) हस्तांतरण भी हुआ। वह पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और इंस्टीट्यूट ऑफ आर्मामेंट टेक्नोलॉजी, पुणे (अब डीआईएटी /DIAT) से एडवांस वेपन टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने वर्ष 1988 में एआरडीई (ARDE), पुणे में Sc ‘B’ के रूप में अपना कैरियर शुरू किया और अप्रैल 2021 में एनएमआरएल के निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने से पहले OS & Sc ‘H’ तक पहुंचे। उनके कार्य क्षेत्र में निम्न का डिजाइन और विकास शामिल हैं:

आर्टिलरी रॉकेट जैसे पिनाका एमके- I, पिनाका टीसीएस (TCS), पिनाका एमके- I (उन्नत), पिनाका एमके- II, 122 मिमी विस्तारित रेंज, ईआरएएसआर (ERASR) और निर्देशित पिनाका।

पिनाका के ग्राउंड सिस्टम जैसे मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, बैटरी कमांड पोस्ट मरम्मत वाहन और सिमुलेटर।

पिनाका हथियार प्रणाली और विभिन्न आर्टिलरी गन जैसे 130 मिमी, 155 मिमी बोफोर्स और एटीएजीएस (ATAGS)।

उन्होंने टीपू सुल्तान अवार्ड (1995), ब्रिगेडियर एसके थडानी ट्रॉफी (1995), पिनाका एमबीआरएस डीआरडीओ (MBRS DRDO) अवार्ड (1996), डीआरडीओ (DRDO) लेबोरेटरी साइंटिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड (2007), डीआरडीओ (DRDO) प्रदर्शन उत्कृष्टता पुरस्कार (2012), पिनाका एमके-द्वितीय विकास (2016) के लिए अग्नि पुरस्कार और निर्देशित पिनाका विकास (2017) के लिए अग्नि पुरस्कार, सहित कई पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने पिनाका हथियार प्रणाली के साथ सेना-डीआरडीओ (DRDO) टीम के एक हिस्से के रूप में 1999 में ओपी विजय (कारगिल युद्ध) में भाग लिया था।

वह एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया, पुणे चैप्टर और इंडियन नेशनल सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस एंड रिलेटेड मैकेनिज्म (आईएनएसएआरएम/ INSARM), पुणे चैप्टर के उपाध्यक्ष भी हैं।

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