निदेशक, इलेक्ट्रोनिक्स एवं रडार विकास स्थापना (LRDE)
श्री पी राधाकृष्णन
निदेशक, इलेक्ट्रोनिक्स एवं रडार विकास स्थापना (LRDE)

उत्कृष्ट वैज्ञानिक श्री. पी राधाकृष्ण ने इलेक्ट्रोनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट एस्टाब्लिश्मेंट, (एलआरडीई), डीआरडीओ, बंगलुरु में निदेशक का पदभार ग्रहण किया है।

उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग में बी.ई. आईआईटी खड़गपुर से ई और ईसीई कंप्यूटर इंजीनियरिंग) में एमटेक की शिक्षा प्राप्त की है। वह 1988 में एलआरडीई में वैज्ञानिक 'बी' के रूप में सम्मिलित हुए थे। उन्होंने रडार सिग्नल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया और कुछ ही दिनों में उन्होंने रडार सिस्टम में स्नातक की शिक्षा पूर्ण की।

उन्होंने राजेंद्र रडार के लिए सिग्नल प्रोसेसर के डिजाइन और विकास में मुख्य भूमिका निभाई और महत्वपूर्ण योगदान दिया। एक टीम लीडर के रूप में, वह उस 3-डी मीडियम रेंज सर्विलांस रडार की शाखा को स्थापित करने के लिए प्रेरक बल रहे जो पूरी तरह से डीएसपी आधारित समानांतर और प्रोग्राम योग्य सिग्नल और डिजिटल रिसीवर तकनीकों से सुसज्जित है ।

उन्होंने विभिन्न प्रणालियों के लिए सिग्नल प्रोसेसिंग समाधान प्रदान करने वाले रडार सिग्नल प्रोसेसिंग ग्रुप के समूह प्रमुख के रूप में भी कार्य किया है। संस्थान में रहते हुए उन्होंने रडार सिग्नल प्रोसेसिंग, प्रोसेसर तकनीकों और रडार सिस्टम इंजीनियरिंग गतिविधियों में एक नोडल भूमिका का निर्वाह किया।

उन्होंने कई रडार विकास परियोजनाओं में अपना योगदान प्रदान किया है जैसे आकाश शस्त्र प्रणाली के राजेंद्र मल्टीफ़ंक्शन चरणबद्ध ऐरे रडार, शस्त्रों का पता लगाने वाली रडार, 3-डी सर्विलांस रडार का एक परिवार अर्थात् आकाश शस्त्र प्रणाली के लिए 3-डी सेंट्रल एक्विजिशन रडार, भारतीय वायु सेना के लिए रोहिणी रडार, भारतीय नौसेना के लिए रेवती, भारतीय थल सेना के लिए 3-डी टैक्टिकल कंट्रोल रडार आदि का निर्माण किया एवं उन्हें तैनात किया।

उन्होंने एएडब्ल्यू एंड सी के लिए प्राथमिक रडार, यूएवी के लिए सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) और एलसीए के लिए सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन किए गए ऐरे (एईएसए) रडार को विकसित करने के लिए एयरबोर्न रडार विभाग का भी कुशल नेतृत्व किया।

वह एलआरडीई के निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले एसोसिएट डायरेक्टर (एचआर) के पद पर अतिरिक्त प्रभार के साथ सहायक निदेशक (प्रणाली) के उत्तरदायित्व को पूर्ण कर चुके हैं। उन्हें आईईटीई-आईआरएसआई सम्मान एवं डीआरडीओ साइंटिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड सहित विभिन्न सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनकी रुचि के क्षेत्रों में रडार सिग्नल प्रोसेसिंग और प्रोसेसर आर्किटेक्चर, रडार सिस्टम इंजीनियरिंग, सक्रिय चरणबद्ध ऐरे तकनीकें, बहुरणनीतिक रडार टेक्नोलॉजीज और बहुत लम्बी सीमा वाली रडार तकनीकें सम्मिलित हैं।

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