श्री अरुण कुमार सक्सेना
श्री अरुण कुमार सक्सेना
निदेशक, हवाई डिलीवरी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ADRDE)

श्री अरुण कुमार सक्सेना, वैज्ञानिक 'एच' ने 1 जनवरी 2018 को निदेशक के रूप में, एडीआरडीई आगरा का पदभार संभाला। इससे पहले, उन्होंने 5 वर्षों तक एडीआरडीई सहायक निदेशक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने 1984 में (आईआईटी, रुड़की) से स्नातक और 1997 में (आईआईटी, रुड़की) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया है। वे 1986 में डीआरडीओ के एडीआरडीई में शामिल हुए और अपने पुन: प्रवेश चरण के दौरान अग्नि पेलोड के लिए पैराशूट रिकवरी प्रणाली के डिजाइन / विकास के साथ अपने वैज्ञानिक करियर की शुरुआत की।

आत्मनिर्भरता प्रचारक के तौर पर उन्होंने कई परियोजनाओं का सफलतापूर्वक नेतृत्व करके उनकी सफल उपलब्धि प्राप्त की, जिसमें उद्योगों को प्रौद्योगिकी का हस्तांतरित (टीओटीएस) करना शामिल है और अंत में भारतीय सशस्त्र सेवा (भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना जिसमें इसरो शामिल है) में अधिष्ठापित की। डीआरडीओ में 3 दशकों से अधिक समय तक, वे कई प्रणालियों के डिजाइन / विकास के लिए जिम्मेदार रहे हैं, अर्थात पुनः प्रवेश वाहनों की रिकवरी प्रणाली (अग्नि पेलोड, स्पेस रिकवरी एक्सपेरिमेंट पेलोड और मानव स्पेस कैप्सूल), पायलट पैराशूट प्रणाली (मिराज-2000 और सी हैरिएर एयरक्राफ्ट), होवरक्राफ्ट, एयरोस्टेट, बैलून बैराज प्रणाली, ग्राउंड राडार के लिए रेडोम, एलसीए, आईडेटी और एसयू-30 ए/सी के लिए इजेक्शन सीट्स (एसीईएस) के लिए स्वदेशीकरण व्यवहार्यता, हैवी ड्रॉप प्रणाली: एएन-32 और आईएल-76 (पी-7 और एचडीएस-16टी) विमान, एलेशा राडार के लिए चीता /चेतक हेपर हेलिनेट, सीएसएआर प्रणाली (अंडरस्लंग चेतक / चीता हेलीकॉप्टर), मरीन कमांडो के तेज प्रेरण के लिए पैराड्रॉप प्रणाली (समुद्र में परिचालन), आरटीआरएस में पैराशूट खुलने के लिए टेस्ट सेटअप हेतु प्रणाली।

उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार / कार्यशालाओं में 30 से अधिक तकनीकी पत्र प्रकाशित किए हैं। वे कई पुरस्कारों अर्थात आईजीएमडीपी पुरस्कार, अग्नि टीम पुरस्कार, पथ ब्रेकिंग प्रौद्योगिकी समूह पुरस्कार, डीआरडीओ समूह प्रौद्योगिकी पुरस्कार और कई डीआरडीओ नकद पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता हैं।

वे पेशेवर सोसाइटियों जैसे कि लाइफ मेंबर एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एईएसआई), इंडियन नेशनल सोसाइटी ऑफ एयरोस्पेस रिलेटिड मैकेनिज्म (आईएनएसएआरएम) और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया से भी जुड़े हैं। वे एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एईएसआई) की आगरा शाखा और इंडियन नेशनल सोसाइटी ऑफ एयरोस्पेस रिलेटिड मैकेनिज्म (आईएनएसएआरएम) की आगरा शाखा के अध्यक्ष भी हैं।

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