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निदेशक प्रोफ़ाइल

वीआरडीई के निदेशक, मेजर जनरल अजय गुप्ता ने आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त कर 13वीं आर्मर्ड रेजिमेंट में शामिल होने के साथ अपना करियर अहमद नगर से शुरू किया। वे आर्मर्ड कोर के उन कुछ अधिकारियों में से एक है, जिन्हें इंजीनियरिंग कोर्स करने के लिए चुना गया, उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक और औद्योगिक इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया है।
1996 में, उन्हें आर एंड डी ई(ई), पुणे में तैनात किया गया था, जहां वे बीएलटी -72 के विकास में शामिल रहे। उपकरण को सेना में शामिल करने के लिए मंजूरी दी गई थी। एक प्रोजेक्ट लीडर के रूप में, उन्होंने बीएलटी-72 एलएसपी आदेश को पूरा किया, जिसमें सेना को 12 बीएलटी दिया गया। 1998 में उन्होने      उसे स्थायी रूप से डीआरडीओ में संभाला, जिसे सफलतापूर्वक तकनीकी विकास के रूप में विकसित किया गया था। वे फ्लैलिंग तंत्र की डिजाइन और टी-72 टैंक के विन्यास में शामिल थे। 2006 में, उन्हें डीआरडीओ मुख्यालय में डीसीवी और ई कार्यालय में तैनात किया गया, जहां उन्हें एसीई क्लस्टर के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए थे। 2010 में, उन्हें सतर्कता एवं सुरक्षा का निदेशक नियुक्त किया गया, उन्होंने पाँच वर्ष से अधिक समय तक पूरे देश में फैली सभी डीआरडीओ प्रयोगशालाओं/प्रतिष्ठानों में उचित सुरक्षा उपायों को लागू करने का कार्य संभाला।
01 जून 2016 को, उन्होंने वीआरडीई के निदेशक का पदभार ग्रहण किया। वर्तमान में वे भारतीय रक्षा बलों के लिए वीआरडीई में विकसित होने वाली रणनीतिक प्रणालियों के अलावा एईआरवी, एएडी, एनबीसी रिसी (Recce) वाहन (एमके-आई), सीबीआरएन आरवी (एमके- II), डब्ल्यूएचएपी इत्यादि के विकास में शामिल हैं।

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