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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद, दुनिया भर के सशस्त्र बलों में नई पीढ़ी के हथियारों और बमों को शामिल किया गया। ये अस्त्र प्रणालियां जटिल प्रौद्योगिकियों पर आधारित थीं, जिसने अस्त्र विकास कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इस नए तकनीकी विकास के साथ तालमेल रखने के लिए, बमों और उन्नत हथियार प्रणालियों के डिजाइन और विकास के मूल्यांकन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण डेटा के विकास के लिए आवश्यक विशिष्ट इंस्ट्रूमेंटेशन सुविधाओं और रेंज प्रौद्योगिकियों के लिए स्वदेशी आधार स्थापित करने की मजबूत जरूरत महसूस की गई। 1961 में उच्च विस्फोटक प्रोसेसिंग, विस्फोट और सदमा गतिशीलता, के क्षेत्र में गठन विस्फोट और क्षति, प्रतिरक्षा, मारकता और विखंडन, कवच की असफलता और बमों एवं अन्य आयुध प्रणालियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के विकास के लिए सुविधाओं को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के अंतर्गत एक आयुध अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में चरम प्राक्षेपिकी अनुसंधान प्रयोगशाला, चंडीगढ़ को स्थापित किया गया था।

इस प्रयोगशाला का मुख्यालय सेक्टर 30, चंडीगढ़ में है और टीबीआरएल रेंज के रूप में जाना जाने वाला तकनीकी क्षेत्र, ग्राम- रामगढ़, जिला- पंचकुला, हरियाणा में 5500 एकड़ में फैला है। टीबीआरएल रेंजों को तकनीकी क्षेत्र/परीक्षण क्षेत्रों आदि में विभाजित हैं जो इस प्रकार निर्मित और दूरी पर स्थापित किया गया है जिससे प्रयोगात्मक परीक्षणों का एक दूसरे से स्वतंत्र संचालन संभव हो सके। प्रत्येक तकनीकी क्षेत्र को अति विशिष्ट उपकरण और नैदानिक ​​सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जो बमों और अन्य आयुध प्रणाली के डिजाइन और विकास के लिए महत्वपूर्ण जानकारी उत्पन्न करते है। परीक्षण क्षेत्रों की मुख्य विशेषताएं हैं कि उपकरणों को मजबूत आरसीसी बंकरों में रखा जाता है और विस्फोटक या गोला बारूद खुले में विस्फोटित किए जाते हैं। यह संचालन में लचीलापन देता है और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ उच्च क्षमता के बमों, गोला बारूद और विस्फोटक प्रभार के विस्फोट की अनुमति देता है।

प्रयोगशाला मानकीकरण परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन (एसटीक्यूसी) सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी), भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली मानक के अनुसार आईएसओ 9001:2000 के रूप में प्रमाणित है।

 

 
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