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प्रमुख प्रौद्योगिकियां


एसएएसई हिमाबद्ध क्षेत्रों में हिमस्खलन और अन्य शीतक्षेत्र संकटों के साथ संघर्ष के लिए उत्पादों के विकास हेतु विभिन्न प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहा है। प्रमुख प्रौद्योगिकियां नीचे सूचीबद्ध की गई हैं:

  • सुदूर संवेदन और जीआईएस प्रौद्योगिकी

    दुर्गम हिमाच्छादित क्षेत्रों से हिम आवरण के बारे में जानकारी खोज निकालने के लिए प्रकाशिक तथा सूक्ष्मतरंग उपग्रह प्रतिबिम्बों का उपयोग किया जाता है। हिमस्खलन बहुल क्षेत्रों की पहचान सुदूर संवेदन एवं जीआईएस तकनीकों और विकसित हिमस्खलन संकट डेटा कार्ड (एक पाकेट साइज फोल्डेड हार्डकॉपी जिसमें भूभाग, जलवायु, हिमस्खलन इत्यादि के संबंध में विस्तृत जानकारी होती है) की सहायता से की जाती है। हिमस्खलन संबंधी विस्तृत जानकारी जैसेकि क्षेत्रफल, ढलान, पहलू, भू आवरण, हिमस्खलन स्थलों की अवस्थिति, ट्रैक प्रोफाइल, क्रॉस-सेक्शनल/लॉन्गीट्यूडिनल प्रोफाइल तथा हिमस्खलन संबंधी अन्य अनेक जानकारियों से युक्त मानचित्रावली कुछ क्षेत्रों के लिए विकसित की जा चुकी है तथा कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए विकसित की जा रही है। अंकीय उन्नयन प्रतिरूप (डीईएम) तथा उच्च वियोजन उपग्रह प्रतिबिम्बों के उपयोग द्वारा रूचि के क्षेत्रों के 3-डी बहु-संदर्श फ्लाइ-थू्र प्रतिरूप तैयार किए गए हैं।


  • FIG : Development of Algorithms for Operational Snowcover Maps using MODIS


    FIG : Homepage of Digital Avalanche Atlas for Srinagar-Leh Axis

    श्रीनगर-लेह अक्ष के लिए अंकीय हिमस्खलन मानचित्रावली का होमपेज

    FIG : 3-D visualisation of avalanche prone terrain

    हिमस्खलन बहुल भूभाग का 3-डी दृश्यीकरण





    FIG : Snapshot of Avalanche Hazard Data Card

    हिमस्खलन संकट डेटा कार्ड का आशुचित्र


    FIG : Decision Support System for Avalanche Hazard using Remote Sensing and GIS

    सुदूर संवेदी और जीआईएस के उपयोग द्वारा हिमस्खलन संकट हेतु निर्णय सहायता प्रणाली


  • जीपीएस प्रौद्योगिकी

    एसएएसई ने जीपीएस आधारित वास्तविक समय हिमस्खलन पथ चेतावनी और संचालन प्रणाली विकसित की है। यह प्रणाली हिमस्खलन बहुल क्षेत्रों में चल रहे व्यक्ति को संचालन सहायता प्रदान करने हेतु सक्षम है। जीपीएस आधारित अनुप्रयोग विकसित किया गया था और संचालन हेतु हस्तधारित जीपीएस के साथ जोड़ा गया था।


  • FIG : GPS Technology


  • विरचना, मध्य और अधिधाव में हिमस्खलन के नियंत्रण हेतु प्रौद्योगिकी

    एसएएसई ने विरचना, मध्य और अधिधाव में हिमस्खलन के नियंत्रण हेतु विभिन्न प्रकार की नियंत्रण संरचनाओं का डिजाइन और विकास किया है। विरचना क्षेत्र में हिमस्खलन की रोकथाम के लिए हिम सेतु, हिम जाल, वात बाधिकाएं, हिम बाड़, जेट छत, शैलप्रदेश संशोधन, वेदिका कर्तन इत्यादि नियंत्रण संरचनाएं डिजाइन की गई हैं। ये संरचनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग-1ए के समांतर जवाहर सुरंग के निकट (जम्मू एवं कश्मीर) संस्थापित की गई हैं। मध्य क्षेत्र में हिमस्खलन के नियंत्रण हेतु हिम दीर्घा तथा हिमस्खलन विपथन संरचनाएं डिजाइन की गई हैं।


  • FIG : Snow nets and snow bridges installed at D-10 site

    डी-10 स्थल पर संस्थापित हिम जाल और हिम सेतु

    FIG : Jet roof installed at D-10 site

    डी-10 स्थल पर संस्थापित जेट छत



    FIG : Design of snow gallery

    हिम दीर्घा का डिजाइन


  • अनुकरण और प्रतिरूपण हेतु प्रौद्योगिकी

    सेस (एसएएसई) द्वारा अनुकरण और प्रतिरूपण के लिए नवीनतम हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रौद्योगिकियों के उपयोग से हिमस्खलन पूर्वानुमान प्रतिरूप, मौसम पूर्वानुमान प्रतिरूप, हिम आवरण अनुकरण प्रतिरूप, हिमस्खलन गतिकी प्रतिरूप, हिम अभिलक्षण प्रतिरूप इत्यादि विकसित किए गए हैं।


  • FIG : Hidden Markov Model for Weather and Avalanche Forecasting

    हिम आवरण की विशेषताओं के अनुकरण हेतु हिम आवरण अनुकरण प्रतिरूप


    FIG : Snow cover simulation model for simulation of snow cover characteristics

    हिमस्खलन प्रवाह अनुकरण प्रतिरूप


    FIG : Avalanche flow simulation model

    हिमस्खलन प्रवाह अनुकरण प्रतिरूप


  • हिमस्खलन पुनर्निवेश तंत्र हेतु अवश्रव्य प्रौद्योगिकी

    ध्वनि उत्सर्जन (एई) क्षीण ध्वनि चिह्नक होते हैं, जो पदार्थों द्वारा सूक्ष्मदर्शीय विरूपण/विफलन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न किए जाते हैं, जो अंततः हिमस्खलन के रूप में हिमपुंज के विनाशकारी विफलन के रूप में प्रकट हो सकते हैं। एसएएसई ने हिम के एई व्यवहार के विषय में विभिन्न प्रयोगशाला तथा क्षेत्र आधारित परीक्षणों के माध्यम से विगत कुछ वर्षों के दौरान इस दिशा में गहन कार्य किया है। ध्वनि प्रग्राहियों तथा तरंग पथकों के माध्यम से बहु-संवेदी युग्मक द्वारा हिम-संवेदी युग्मक, एई संकेतों की लघु परास प्रकृति, संवेदी संवेदिताओं का चयन, प्रचालनीय आवृत्ति परास तथा रव घटकों का अंतररोध का समाधान किया गया था।


  • FIG : Lab experiments on multi sensor acoustic emission coupling

    बहु संवेदी ध्वानिक उत्सर्जन युग्मन पर प्रयोगशाला परीक्षण


    FIG : Acoustic emission monitoring on an avalanche slope

    हिमस्खलन प्रवण पर ध्वानिक उत्सर्जन मानीटरन


  • भूतापीय ऊष्मा के निष्कर्षण हेतु प्रौद्योगिकी

    एसएएसई ने अपने मनाली (हिमाचल प्रदेश) स्थित परिसर में स्थल ऊष्मायन के लिए भूतापीय ऊष्मा निष्कर्षण प्रौद्योगिकी सफलतापूर्वक प्रदर्शित की है। यह प्रौद्योगिकी भारत में पहली बार प्रयोग में लाई गई है। प्रणाली की वर्तमान ऊष्मायन क्षमता 100 केडब्ल्यू से अधिक है तथा निष्पादन गुणांक लगभग 3.3 (ऊर्जा बचत 69 प्रतिशत तक) है। निवेश तापमान 18 डिग्री सेंटीग्रेड हेतु ऊष्मायन हेतु अर्जित निर्गम तापमान लगभग 55 डिग्री सेंटीग्रेड (तथा 55 डिग्री सेंटीग्रेड निवेश हेतु प्रशीतन 10 डिग्री सेंटीग्रेड तक) है। प्रणाली की कुल लूप लम्बाई तथा वेधन गहराई क्रमानुसार 5500 एम तथा 2500 एम हैं। इस प्रणाली का डिजाइन बंद यू-लूप भू लूप ऊष्मा विनिमायक (जीएलएचई) डिजाइन है।


  • FIG : Geothermal space heating system

    भूतापीय स्थल ऊष्मायन प्रणाली


  • मानव रहित विमान (यूएवी) प्रोद्योगिकी

    मानव रहित विमानों का उपयोग दुर्गम और सुदूर हिमाबद्ध क्षेत्रों से हिम आवरण संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जा रहा है।

  • FIG : UAV at high altitude

    उच्च तुंगता यूएवी


  • डेटा प्रेक्षण हेतु प्रौद्योगिकियां

    एसएएसई शीत क्षेत्रों में डेटा प्रेक्षण के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रहा है। एसएएसई ने विभिन्न हिमालयी श्रृंखलाओं (उदाहरण के लिए पीर पंजाल, ग्रेट हिमालय, लद्दाख, कराकोरम इत्यादि) और अंटार्कटिक में सतत डेटा रिकार्डिंग के लिए में स्वचलित मौसम केन्द्र स्थापित किए हैं। हिम आवरण तथा हिमनदों की मोटाई के आकलन हेतु भूमि पर भू वेधी रेडार के अतिरिक्त वातारूढ़ विधि का भी प्रयोग किया गया है। शीत क्षेत्रों में डेटा प्रेक्षण के लिए विभिन्न प्रकार के यंत्रोपकरण विकसित किए गए हैं।

    FIG : Automatic Weather Station in Himalaya

    हिमालय क्षेत्र में स्वचलित मौसम केन्द्र


    • समांतर अन्वेषण हिम प्रोफाइलर (पीपीएसपी) स्वदेश में विकसित किया गया बहु-प्राचलक अन्वेषण उपकरण है, जो सेस (एसएएसई), डीआरडीओ द्वारा नमी तत्वांश के ऊध्र्व विभाजन, तापमान, सूक्ष्म गहराई स्थितियों के संगत वेधन कठोरता तथा बृहद हिम और मृदा आवरण की भौगोलिक अवस्थितियां रिकार्ड करने हेतु विकसित किया गया है। यह उपकरण हस्तधारित आरसीडी द्वारा प्रचालित सुदूर प्रचालित उपकरण है तथा 5 मिमी के सूक्ष्म गहराई वियोजन के साथ 2 मीटर तक की गहराई की पाश्र्विका तैयार कर सकता है।

    • FIG : Parallel Probe Snow Profiler

      समांतर अन्वेषण हिम प्रोफाइलर


    • विभिन्न हिम और हिमनद संबंध अध्ययनों के लिए हिमालय और अंटार्कटिक के शीत क्षेत्रों में भूभेदी रडार का उपयोग किया गया है।

    • FIG : GPR study in Antarctica

      अंटार्कटिक में जीपीआर


    • जोखिम बहुल क्षेत्रों में डेटा प्रेक्षण हेतु सुदूर प्रचालित वाहन (आरओवी)



    • एक्स-रे सूक्ष्म-स्थलाकृतिविज्ञान के उपयोग द्वारा 3-डी हिम सूक्ष्मसंरचना का कम्प्यूटरीकृत पुनर्सृजन



    • अत्याधुनिक ऊपरी वायु प्रेक्षण




प्रमुख उत्पाद


एसएएसई, हिमस्खलन भविष्यवाणी, मौसम भविष्यवाणी करने, हिमस्खलन नियंत्रण संरचनाओं, हिमस्खलन अपसरण संरचनाओं, हिम दीर्घा की डिजाइन, शीत क्षेत्रों में डेटा संग्रहण हेतु यंत्रोपकरण तैयार करने, सुरक्षित शिविद स्थल हेतु मार्गदर्शन, हिमस्खलन मानचित्र, हिमस्खलन संकट डेटा कार्ड और हिमस्खलन संकटों से जूझने के लिए प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने द्वारा हिमावृत्त क्षेत्रों में प्रयोक्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहा है। एसएएसई के प्रमुख उत्पादों की सूची नीचे दी गई है:

  • हिमस्खलन भविष्यवाणी प्रतिरूप

    • ईएन10 एक वेब-समर्थित हिमस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली है। यह प्रणाली अनेक संवर्द्धित विशेषताओं के साथ लोकप्रिय के-नियरेस्ट नेबर विधि पर आधारित है। निर्णय करने के संबंध में डेटा अतिरेक और तंत्रिका नेटवक्र्स को हटाने के लिए प्रधान घटक विश्लेषण लागू करने द्वारा एक महत्वपूर्ण सुधार किया गया है। साधारणतः विगत डेटा से 10 नेबर्स चुना जाता है तथा निर्णय के लिए उनका विश्लेषण किया जाता है।
    • विशेषज्ञ प्रणाली (एक्सएएफ) आधारित हिमस्खलन पूर्वानुमान प्रतिरूप। यह प्रतिरूप हिमस्खलन भविष्यवाणी के लिए विशेषज्ञ के बनाए गए नियमों पर आधारित है।

    • विशेषज्ञ प्रणाली आधारित हिमस्खलन भविष्यवाणी प्रतिरूप


    • हिम आवरण अनुकरण प्रतिरूप (एससीएसएम) हिम पैक के गुणों का अनुकरण करता है, जो हिमस्खलन का पूर्वानुमान लगाने में उपयोगी होते हैं। एससीएसएम हिमपैक की आंतरिक अवस्था के विकास का वर्णन करने हेतु एक महत्वपूर्ण साधन है। यह एक 1-डी प्रतिरूप है, जो एक परिमेय भिन्न अंकीय स्कीम के उपयोग द्वारा संहति और ऊर्जा के संतुलन के समीकरण को हल करता है। यह प्रतिरूप विन्डो आधारित प्लेटफार्म पर विजुअल बेसिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में विकसित किया गया है।





    • हिमस्खलन पूर्वानुमान के लिए प्रच्छन्न मार्कोव प्रतिरूप (एचएमएम) मार्कोव श्रृंखला के गुणों पर आधारित है। हिम-मौसमविज्ञान प्रचालकों से जनित प्रतिरूप में भिन्न अवस्थाएं और प्रेक्षाएं हैं। यह प्रतिरूप हिमस्खलन की भविष्यवाणी चार दिन अग्रिम में करता है।


  • मौसम पूर्वानुमान प्रतिरूप

    •  मौसम पूर्वानुमान हेतु अनुकूलित डब्ल्यूआरएफ प्रतिरूप। एसएएसई ने पश्चिमी और मध्य हिमालयी भारत के हिमाच्छादित क्षेत्रों के, 3 किमी x 3 किमी ग्रिड में, पूर्वानुमान की भविष्यवाणी के लिए डब्ल्यूआरएफ (मौसम अनुसंधान पूर्वानुमान) प्रतिरूप में प्रयोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार किया है।
    •   उत्तर पश्चिम हिमालय क्षेत्र के लिए अनुरूप मौसम पूर्वानुमान (एडब्ल्यूएफ) प्रणाली एक सांख्यिकी आधारित मौसम पूर्वानुमान प्रतिरूप है।

    • अनुकूलित डब्ल्यूआरएफ प्रतिरूप के प्रयोग द्वारा चार दिन अग्रिम में मौसम पूर्वानुमान



  • नियंत्रण संरचनाओं की डिजाइनिंग

    •   एसएएसई हिमस्खलन स्थलों की विशेषताओं के आधार पर विभिन्न प्रकार की विरचनाओं, मध्य और अधिधाव क्षेत्र हिमस्खलन नियंत्रण संरचनाओं की डिजाइन तैयार कर रहा है। बनिहाल टॉप में राष्ट्रीय राजमार्ग को हिम अवधावों से संरक्षित करने के लिए हिम सेतु, हिम रेक, हिम जाल, जेट छत, हिम बाड़ इत्यादि डिजाइन और संस्थापित किए जा चुके हैं। हिमस्खलन के मध्य जोन में राजमार्ग के संरक्षण हेतु हिम दीर्घा डिजाइन की गई है।

    • हिमस्खलन के विरचना क्षेत्र में नियंत्रण संरचनाएं



  • शीत क्षेत्रों में डेटा संग्रहण के लिए यंत्रोपकरणों का डिजाइन तथा विकास

    •  समांतर अन्वेषण संतृष्ति प्रोफाइलर (पीपीएसपी) हिम और मृदा जैसे सरंध्री पदार्थों में तरल जल तत्वांश (एलडब्ल्यूसी) तथा तरल जल संतृप्ति (एलडब्ल्यूएस) स्तर के ऊध्र्व विभाजन हेतु द्रुत मापी बेतार प्रचालित अन्वेषण उपकरण है।
    • समांतर अन्वेषण संतृष्ति प्रोफाइलर



    • यंत्रीकृत हिमस्खलन छड़ी (आईएआर) हिम क्षेत्र में आसान और सुरक्षित आवागमन के लिए एक वहनीय बहु उपयोगी साधन है। यह पैदलयात्रियों को हिम पुंज की स्थिरता और हिमनद में हिमविदर की प्राथमिक मूल जानकारी प्राप्त करने के लिए विभिन्न हिमपुंज प्राचलकों के शीघ्र मापन में सहायक होती है। ये दो प्रकार के होते हैं: (1) फील्ड मॉड्यूल तथा (2) वैज्ञानिक मॉड्यूल। पहले प्रकार के आईएआर में बेलचा, हिम कुल्हाड़ी, जीपीएस, हिमस्खलन पीड़ित खोजी (एवीडी) तथा टॉर्च होती है। वैज्ञानिक प्रकार के आईएआर में कुछ अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक संवेदी लगाए जाते हैं जैसेकि भार सेल, तापयुग्मक और चुम्बकीय छल्ला ताकि विभिन्न परतों के तापमान और कठोरता सूचकांको के मापन द्वारा हिमपुंज की स्थिरता का पता लगाया जा सके।

    • यंत्रीकृत हिमस्खलन छड़ी


    • हिमाच्छादित हिमस्खलन बहुल दुर्गम क्षेत्रों में अध्ययन क्षेत्रों से अन्योन्यक्रिया विधि में डेटा संग्रहण के लिए रेडियो आधारित सुदूर दूरमिति प्रणाली (आरआरटीएस) विकसित की गई है। इस प्रणाली में केन्द्रीय स्टेशन से सुदूर स्टेशन के साथ संरूपण की सुनम्यता है।
    •   भिन्न आवृत्तियों के निष्क्रिय सूक्ष्मतरंग विकिरणमापियों में भौतिक स्पर्श के बिना हिम गुणों का संकेत देने की क्षमता होती है। जल तुल्यांक, हिम कण आकार, हिम घनत्व तथा हिम तापनान जैसे हिम प्राचलकों को जानने के लिए धवलता तापमान माप दर्ज किए जाते हैं।

    • निष्क्रिय सूक्ष्मतरंग विकिरणमापी


    • बहु प्राचलक अन्वेषण हिम गहराई के संबंध में कठोरता और तापमान पाश्र्विका उपलब्ध कराता है, जिससे हिमपुंज की अंतर्दशाओं का पता लगता है।

    • बहु प्राचलक अन्वेषण




  • सुदूर संवेदन डेटा आधारित उत्पाद

    • जम्मू कश्मीर में हिमस्खलन बहुल क्षेत्रों के हिमस्खलन संकट डेटा कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। डेटा कार्ड सुदूर संवेदन डेटा के उपयोग द्वारा सीमा क्षेत्रों में विभिन्न सड़क अक्षों के समांतर हिमस्खलन स्थलों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

    • हिमस्खलन संकट डेटा कार्ड


    • जम्मू कश्मीर के हिमस्खलन बहुल क्षेत्रों में विभिन्न सड़क अक्षों की अंकीय हिमस्खलन मानचित्रावलियां तैयार की गई हैं। अन्य कुछ क्षेत्रों की मानचित्रावलियां तैयार की जा रही हैं। अंकीय हिमस्खलन मानचित्रावली के क्षेत्र में हिम हिमस्खलन के बारे में विस्तृत जानकारी अंकीय रूप में उपलब्ध कराई जाती है।  
    • हिमाबद्ध क्षेत्रों के विभिन्न अक्षों के फ्लाइ-थ्रूर प्रतिरूप उपयोक्ताओं की आवश्यकता के अनुसार तैयार किए जाते हैं।

    • उच्च वियोजन प्रतिबिम्बों के उपयोग द्वारा फ्लाइ-थ्रू प्रतिरूप



  • हिमस्खलन संकट से निपटने के लिए उपयोक्ताओं को प्रशिक्षण हेतु उत्पाद

    • हिमस्खलन उपयोक्ता गाइड हिन्दी और अंग्रेजी में तैयार की गई है

    • हिमस्खलन उपयोक्ता गाइड

       

    • जम्मू एवं कश्मीर के विभिन्न सड़क अक्षों के समांतर, शीत-पूर्व मध्य-शीत, शीत-उत्तर हिम-मौसम डेटा और हिमस्खलन घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट जिसमें हिम पैक उद्भव की महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है।
    • हिमस्खलन सुरक्षा और बचाव, हिमस्खलन का कृत्रिम प्रवर्तन, हिमस्खलन दुर्घटनाओं से सीखे गए पाठ, हिमस्खलन सूचना इत्यादि पर मल्टीमीडिया उत्पाद उपयोक्ताओं के बीव लोकप्रिय हैं। इन उत्पादों में हिमस्खलन की पूर्व घटनाओं तथा इन दुर्घटनाओं से सीखे गए पाठ का प्रदर्शन मल्टीमीडिया वीडियो रूप में किया जाता है।
    •  समिट एक्स: हिमस्खलन के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य के साथ एक अन्योन्य क्रिया वीडियो गेम।

    FIG : SASE USER'S GUIDE TO AVALANCHE

    हिमस्खलन जागरूकता संबंधी मल्टीमीडिया उत्पाद



    कृ़त्रिम हिमस्खलन प्रवर्तन संबंधी मल्टीमीडिया उत्पाद



    हिमस्खलन दुर्घटनाओं संबंधी मल्टीमीडिया उत्पाद



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