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श्री नरेश कुमार, वैज्ञानिक एच एवं निदेशक सासे


श्री नरेश कुमार ने हिम एवं अवधाव अध्ययन संस्थान, मुख्यालय मनाली और अनुसंधान एंव विकास केंद्र चंडीगढ़, के निदेशक के रूप में 1 मार्च 2018 को कार्यभार ग्रहण किया। आपकी नियुक्ति निदेशक सासे होने से पूर्व, सह निदेशक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास संस्थान ( आर एण्ड डी ई) , पुणे के रूप में आपने सेवायें प्रदान की , जहाँ आपनें सेना सेतु बन्धन प्रणालियाँ , आर.डी.ई. 40 एम एम एल्म्युनियम मिश्रधातु, सर्वत्र ब्रिजिंग सिस्टम एवं कई अन्य परियोजनाएँ की डिजाइन, विकास एवं उत्पादन में सहयोग किया।

आपका जन्म सितंबर 1960  में हुआ एवं आपने वैज्ञानिक बी के रूप में हिम एवं अवधाव अध्ययन संस्थान,  मनाली, 1984 में डीआरडीओ में कार्यभार ग्रहण किया। आपने श्री बद्रीनाथ मंदिर और मनाली-लेह सड़क मार्ग में अवधाव नियंत्रण संरचनाओं के डिजाईन के क्रियान्वयन में सहयोग किया। आपने वर्ष 1984 में मोतीलाल नेहरू क्षेत्रीय इंजीनियरी कालेज ( अब राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ) इलाहाबाद से सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. एवं 1997 में आई.आई.टी. दिल्ली से संरचनात्मक इंजीनियरी में एम. टेक की डिग्री प्राप्त की। आपकी विशेषज्ञता क्षेत्र संरचनात्मक इंजीनियरींग, सेना ब्रिजिंग और एल्म्युनियम मिश्र धातुएं हैं।

आपने प्रोजेक्ट डाइरेक्टर 46 एम एमएलसी 70 मोड्यूलर ब्रिज के रूप में इसके विकास, उत्पादन एवं उपयोगकर्ता परीक्षण में महत्वपूर्ण सेवायें प्रदान कीं। आपने 35 मी ब्रिज, 100 मी फूट ब्रिज के डिजाईन एवं विकास तथा इसका सेना में इंडक्शन हेतु महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। आपने 13.5 मी पोर्टेबल स्टील ब्रिज जो कि प्रर्वतीय क्षेत्रों के लिये उपयुक्त है के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आपने मल्टीस्पैन एवं व्हेकिल माऊन्टेड एक्सटैन्डेबल स्पैन रीडिप्लॉयेबल ब्रिज के क्षेत्र में तीन पेटेन्ट प्राप्त किये तथा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय जरनल्स एवं सिम्पोजियम में 15 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किये। आपको वर्ष 2014 में डी आर डी ओ के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पुरूष्कार “साइन्टिस्ट ऑफ द ईयर”, 2009 में लैब का “साइन्टिस्ट ऑफ द ईयर” तथा 2013 में “टेक्नॉलाजी ग्रुप अवार्ड” से सम्मानित किया गया। आपको श्री बद्रीनाथ धाम को अवधाव से संरक्षण के लिये कोर ऑफ इंजीनियर अवार्ड से 1993 में सम्मानित किया गया।

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