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उपलब्ध सुविधायें

द्रव्यगतिकी जांच सुविधाएं 
 
 

उच्च गति टोइंग टैंक (एचएसटीटी) 

यह अंतर्राष्ट्रीय टोइंग टैंक सम्मेलन (आईटीटीसी) द्वारा मान्यता प्राप्त द्रव्यगतिकी जांच सुविधा है। टैंक एक उच्च गति टोइंग वाहन में स्थित होता है जो 20 मी/सैकेंड की अधिकतम गति से दौड़ता है और एक समांतर रेखा पर दौड़ता है जिसमें 100 मीटर की लंबाई पर 0.2 मिमी की सहनशीलता स्थित होती है यह पृथ्वी की गोलाई का अनुसरण करता है। यह मॉडलों की जांच के समय अचानक एवं अनिममित सामुद्रिक परिस्थितियों का अनुकरण करने के लिए एक सिरे पर तरंग उत्पादक के साथ स्थित होता है। यह निष्पादन विशेषताओं के निर्धारण और पॉवर प्लांट जरूरतों के आकलन आदि के लिए आधुनिक जांच करन के लिए जहाजों और पनडुबियों के मॉडल बनाने के लिए मॉडल बनाने वाले वर्कशॉप से लैस है। उच्च गति टाउइंग टैंक (एचएसटीटी) की अन्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

a) टैंक परिमाण, मी.   500 x 8 x 8
b) वाहन गति, मी/सैकेंड आगे 20 (अधिकतम)
पीछे की ओर  3 (अधिकतम)
व्यवस्थित गति 0.1% की तीव्रता के साथ
 
c) तरंग उत्पादक दोहरे उत्क्षेप, नियमित एवं अनियमित तरंगों (दिशाहीन) के उत्पादन में सक्षम, तरंग गति की 0.5 मीटर तक
d) वार्ड लियोनार्ड सिस्टम फीडिंग पाउडर द्वारा 8 की संख्या में कंडक्टर 129 कि.वा. डीसी चालित मोटर द्वारा गति नियंत्रण

यह सुविधा एक दीर्घ विस्तार क्षैतिज समतलीय गति यंत्ररचना (एलएएचपीएमएम) से सुसज्जित है जो सामुद्रिक जहाज के युद्धाभ्यास की विशेषताओं का समतलीय गति अध्ययन को क्रियान्वित करता है।

 
   एचएसटीटीमेंप्रदर्शितजांच   

निर्धारित गति शक्ति विशेषताओं का विरोध एवं स्व-प्रणोदण जांच
प्रवाह पृथक्करण की पहचान का प्रवाह अवलोकन, यदि कोई हो
प्रोणदण विशेषता की प्राप्ती के लिए मुक्त जल जांच
प्रवाह वेग के निर्धारण के लिए परिणाम सर्वेक्षण
केवल प्रधान समुद्र के लिए समुद्र-रखाव जांच
उच्च गति जहाज जैसे, प्लानिंग, मल्टी हल्स, हाइड्रो-फोईल, एसईएस आदि, के लिए गतिक जांच, 7मी. लंबे भारी टारपीडो की उर्ध्वाधर समतलीय गति यंत्ररचना (वीपीएमएम) जांच द्वारा द्रव्यगतिकी प्रदर्शन का मूल्यांकन

एलएएचपीएमएम वाहन के पीछे सीधा होना। टोइंग वाहन का एलएएचपीएमएम के साथ मानक मॉडल का संबंधित होना

   
 

गुफा सुरंग

एनएसटीएल गुफा सुरंग विश्व में सर्वाधिक आधुनिक सुविधाओं में से एक है। यह शरीर रेखाचित्र एवं प्रणोदक में गुफा प्रारंभ के अध्ययन में प्रयोग किया जाता है। इसका प्रयोग प्रणोदक के गुफा के कारण ध्वनि के माप के अध्ययन के लिए भी किया जाता है।

यह सुविधा 15 मी./सैकेंड के जल प्रवाह की सुविधा प्रदान कर सकता है और 0.30 से 10 की गुफा की संख्याओं को निर्मित कर सकता है। नौसेनिक जहाज एवं प्लेटफार्म के अनुप्रयोग के लिए उच्च स्तरीय कुशलता से डिजाइन के क्रम में यह आवश्यक है कि गुफा सुरंगों में इन प्रणोदक मॉडलों की जांच क्रियान्वित की जाए। गुफा सुरंग की विशेशताएं निम्नांकित दी गई हैं:

a) जांच खंड में विकिरण आवरण एवं प्रणोदक द्वारा उत्पन्न शोरगुल संकेतकों की रिकार्डिंग के लिए B&K हाइड्रो फोन (पीयूएलएसई) की तैयारी 8 की संख्या में जांज खंड हाउसिंग की निम्न स्थिति द्वारा ध्वनि संकेत 1.0 x 1.0  x 6.0 मी. लंबी जांच रेखा खंड
b) चालित व्यवस्था थायरीस्टोर नियंत्रित 700 कि.वा. डीसी विद्युत मोटर ड्राइविंग 2.1 मीटर डीआईए निश्चित पिच 7 ब्लेडों वाली एकसिएल प्रवाह प्रणोदक 9 स्टेटर ब्लेडों के साथ।
c) जांच में अधिकतम वेग
    खंड 15 मीटर/सैकेंड
 
d) दबाव प्रक्षेत्र 10-300 केपीए (पूर्ण)
e) न्यूनतम गुफा 0.03+10/वी2, जहां वी जांच खंड में प्रवाह वेग है।

f) पृष्ठ भूमि शोरगूल < 90 dB ref 1mPa in 1-100 kHz बैंड, 1/3ऑक्टेवस्केल।
सुरंग अपने संचालन एवं नियंत्रण के लिए एक स्वचालित नियंत्रण व्यवस्था (एसीएस) सं सुसज्जित है; आंकड़ा अधिग्रहण एवं विश्लेषण व्यवस्था (डीएएएस) जांच संचालन, जांच आंकड़ा का अधिग्रहण विश्लेषण और परिणामों की भविष्यवाणी। यह ध्वनि माप, विश्लेषण एवं बहिर्वेशन पूर्ण परिणाम के लिए ध्वनि माप व्यवस्था (एएमएस) के साथ प्रदान करता है। आदर्श जांच को संचालित करने के लिए विभिन्न प्रकार की खिंचाई एवं प्रणोदक शक्तिमापी, अवयव संतुलन, वेक रेक,  हाइड्रो-फोन, दबाव पारक्रमी फोटोग्राफी एवं विडियो रिकार्डिंग व्यवस्था एवं स्टार्बोस्कोप भी उपलब्ध कराए गए हैं।
सीटीमेंप्रदर्शितजांच
  • मुक्त जल में गुफा एवं गुफाहीन परिस्थितियों में प्रदर्शन विशेषताओं की मुक्त जल में प्रणोपक जांच
  • जांच स्व-प्रणोदक विशेषताओं की जांच छिद्र प्रणोदक मॉडल के साथ करता है, प्रणोदक गुफा एवं गुफाहीन परिस्थितियों में मॉडल के सयंत होने पर कार्यशील है। छिद्र प्रणोदक अंतःक्रिया।
  • शक्तियों की माप, एवं सामुदिक जहाजों की गति एवं जलमग्न शरीर, उनके नियंत्रण समुद्र के समते
  • समुद्री जहाज एवं उनके जलमग्न शरीर के खिंचाव का निर्धारण
  • गुफा जांच, प्रारंभ एवं लक्ष्य
  • प्रवाह अवलोकन
  • सर्वेक्षण जागृति
  • छिद्र दबाव की माप, प्रणोदक एवं गुफा द्वारा प्रभावित लचीलापन
  • गुफा एवं गुफाहीन प्रणोदक एवं छिद्र के कारण ध्वनि विकिरण की माप 

वायु सुरंग

एनएसटीएल में 1.5 x 1.5 x 4 मीटर के जांच खंड के साथ समुद्र एवं जलमग्न प्लेटफार्म एवं अंतर्जलीय हथियारों के वायुगतिकी विशेषताओं के अध्ययन के लिए स्थापित किया गया। इस वायु सुरंग में अधिकतम गति 125 की.वा. के पंखे के साथ 60 मीटर प्रतिसेकेंड पैदा की जा सकती है। इसकी विस्तृत विशेषताएं नीचे दी गई हैं:

a) जांच खंड आकार 1.5  x 1.5 x 4.0 मी. लंबा
b) प्लेनम चैंबर 4.3 x 4.3 x 4.0 मी. लंबा
c) 4.3m x 4.3 मी. वर्ग से 1.5 x 1.5 मी. वर्ग के कांट्रेक्शन  नोजल  4.0 मी. लंबा
d) डिफ्युसर   Varying from 1.5 x 1.5 m square to 3.5 m dia; 7.8 m लंबा
e) पंखा आकार   3.04 मी. डीआईए की सीएफआरपी निर्मित
f)  चालित मोटर 750 आरपीएम पर 125 कि.वा. डीसी
g) जांच खंड में अधिकतम गति 60 मी./सैकेंड

वायु सुरंग प्रोजेक्शन मैनोमीटर, डिफरेंशियल प्रेशर ट्रांसड्यूसर, वेलोसिटी मेजरिंग प्रोब्स, वर्टिकल कैथेटो-मीटर्स, हॉट फिल्म एनिमोमीटर, 48 पोर्ट स्कैनिवाल्व, ट्रावर्सिंग गियर साथ ही आंकडे आधारित व्यवस्था और विश्लेषण सॉफ्टवेयर पैकेज से सुसज्जित है।

वायु सुरंग में प्रदर्शित जांच  

अंतर्जलीय वाहन के लिए प्रवाह विलोकन, सीमास्तर अध्ययन

प्रणोदक विकास के लिए एक निकाय के पीछे वेग वितरण एवं अनतरंण सर्वेक्षण

एक्सी सीमेट्री निकायों पर दबाव एवं वेग

एक वितरण जलमग्न निकाय आदि की शक्तियों का प्राक्कलन एवं सागरीक नियंत्रघ के क्षण

वायु सुरंग खंड                   वायु उत्पन्नकर्ता
 

ध्वनि, झटका, शोरगुल एवं कंपन जांच सुविधाएं  

 
 

एक स्वस्थ एवं गुप्त नौसेनिक बेड़े के लिए जहाज एवं पनडुबियों द्वारा अंतर्जलीय शोरगुल का माप, अध्ययन, विश्लेषण एवं अल्पीकरण महत्वपूर्ण अवश्यकताएं होती हैं। एक मौन जहाज के लक्ष्य की प्राप्ती केवल तभी संभव है जब इस जहाज पर स्थित मशीनरी एवं उपकरण भी मौन हों और उनकी कंपन कमजोर हो। यह मशीनों के उचित स्थित पर्यावेक्षण एवं डिजाइन तथा उचित प्रकार के झटके एवं कंपन को कमजोर कर विकास के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। एक संघर्ष की दशा में शत्रु के हथियारों के कारण प्राप्त एवं मशीनरी भी विस्फोट झटका भार के शिकार हो सकते हैं। जहाजों एवं उपकरण का डिजाइन ऐसा होना चाहिए कि वे ऐसे झटको का मुकाबला करे और कार्यशाली भी रहें।

अतः ऐसी व्यवस्था के डिजाइन एवं समझ के लिए, एनएसटीएल ने अंतर्जलीय झटका, शोरगुल एवं कंपन के क्षेत्र में विभिन्न सुविधाओं को स्थापित किया है। एक अंतर्जलीय शोरगुल एवं चुम्बकीय विस्फोटक परिक्षेत्र को गोवा के तट पर स्थापित किया गया है। क्षेत्र सुविधाओं के अंतगति यह बाद में समान रुप से वर्णित है। एनएसटीएल में एक क्षेत्र झटका जांच प्लेटफार्म, एक झटका जांच टैंक, एक झटका प्लेटफार्म एवं एक तरंग मिश्रक सभी स्थापित हैं। एनएसटीएल सैनिक जहाजों के बोर्ड में स्थित होने वाले उपकरणों के लिए झटका उत्तीर्णाता एजंसी है।

झटका जांच सुविधाएं: एक स्वस्थ एवं गुप्त नौसेनिक बेड़े के लिए जहाज एवं पनडुबियों द्वारा अंतर्जलीय शोरगुल का माप, अध्ययन, विश्लेषण एवं अल्पीकरण महत्वपूर्ण अवश्यकताएं होती हैं। एक मौन जहाज के लक्ष्य की प्राप्ती केवल तभी संभव है जब इस जहाज पर स्थित मशीनरी एवं उपकरण भी मौन हों और उनकी कंपन कमजोर हो। यह मशीनों के उचित स्थित पर्यावेक्षण एवं डिजाइन तथा उचित प्रकार के झटके एवं कंपन को कमजोर कर विकास के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। एक संघर्ष की दशा में शत्रु के हथियारों के कारण प्राप्त एवं मशीनरी भी विस्फोट झटका भार के शिकार हो सकते हैं। जहाजों एवं उपकरण का डिजाइन ऐसा होना चाहिए कि वे ऐसे झटको का मुकाबला करे और कार्यशाली भी रहें। अतः ऐसी व्यवस्था के डिजाइन एवं समझ के लिए, एनएसटीएल ने अंतर्जलीय झटका, शोरगुल एवं कंपन के क्षेत्र में विभिन्न सुविधाओं को स्थापित किया है।

प्रवाही झटका प्लेटफार्म :एनएसटीएल द्वारा प्रवाही झटका प्लेटफार्म एवं आंकड़ा अधिग्रहण गतिशील उपकरण वैन का उपयोग करते हुए झटका जांच सुविधा स्थापित किया गया है। इन दोनों सुविधाओं का उपयोग करते हुए स्थापना के पूर्व जहाज को 15 टन के भार समेत गैस टरबाइन, डीजल अल्टरनेटर्स आदि जैसी मशीनरी के साथ वांछित झटका स्तरों को उतीर्ज करना होता है।
झटका जांच टैंक: एनएसटीएल द्वारा 15 x 12 x 10 मी. के साथ दोहरी दीवार वाले झटका जांच टैंक को स्थापित किया गया है जो 2.5 टन के भार के अकरजों की देखभाल में समझ है और उन्हें वांछित झटका बार के अधिन लाया जा सकता है। यह उपकरण एक प्रवाही झटका नौका के अंदर स्थिर है और एक अंतर्जलीय विस्फोट एंड गोला दागना किया जाता है। नमुने का व्यवहार इसकी बॉडी में स्थित एक एक्सेलरोमीटर द्वारा अंकित किया जाता है। वांछित झटका स्तर भार, दुरी और गहराई की विभिन्यता द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

कंपन परीक्षण मशीन: कंपन परीक्षण मशीन भी एनएसटीएल के कंपन और दोलन केंद्र में स्थापित की गई है। यह माइक्रो प्रोसेसर नियंत्रित मशीन 2 से 40 मि/सेकेंड स्पंद अवधि तक अर्ध साइन, वर्ग तरंगो जैसी अनेक कंपन स्पंद सृजित करने में सक्षम है। यह 500 क्रिग्रा तक के अर्जक भार पर 90 ग्रा. के त्वरण सृजित कर सकती है।


दोलन प्रकांपित्र:अत्यधिक दोलन स्तरों वाले उपस्कर और मशीन की प्रतिक्रिया का अध्ययन करने के लिए, एनएसटीएस में दोलन उद्दीपन प्लेटफार्म स्थापित किया गया है। 220 कि.ग्रा भार क्षमता वाला यह प्लेटफार्म 1 से 5000 एचजेड तक की बारंबारता में अलग अलग 'जी' मान वाले 10 तक दोलन उत्पन्न कर सकता है। रबर अवलंबों और विस्फोटक तथा बारुदी सुरंगों की विभिन्न उप-प्रणालियों को अलग करने हेतु कंपन और दोलन परीक्षण के लिए इस मशीन का व्यापक रुप से प्रयोग किया जाता है।  
कंपन और दोलन अवलंब: कंपन और दोलन अवलंबो का प्रयोग विभिन्न मशीनों के दोलन के कारण होने वाले शोर को कम करने तथा मशीन और उपस्कर की पानी के अंदर लगे विस्फोटकों से रक्षा करने के लिए किया जाता है। एनएसटीएल ने अनेक प्रकार के अवलंबों जैसे प्लेट, गैस टरबाइन इंजनों रिडक्शन गियरों, जहाजों के डीजल इंजनों के साथ प्रयोग के लिए कोणीय और बेलनाकार प्रकारों को विकसित किया है। आयतित अवलंब का निष्पादन विदेशी अवलंबों से अच्छा है। वे 1.5 टन के अधिकतम भार पर 6 ग्रा. तक के कंपन भार को सह सकते हैं। 20 डीबी के दोलन वियोजन और 15 डीबी के कंपन वियोजन इन अवलंबों से प्राप्त किए गए हैं।

स्थिति अन्वीक्षण प्रणाली:  दोलन संकेत विश्लेषण घूमती हुई मशीनों में दोष पता करने में महत्वपूर्ण उपकरण है। एनएसटीएल ने माइक्रोप्रोसेसर आधारित आनलाइन स्थिति अन्वीक्षण प्रणाली केवल मुख्य नोदन गैस टरबाइनों के दोलन स्तरों की जांच करने और नोसेना मानकों को पूरा करने वाले जहाजों की विभिन्न श्रेणियों के गियर विन्यासों के लिए किया है। ये प्रणालियां नौसेना के अग्रणी जहाजों में प्रचालन के अंतर्गत हैं।  

 
ध्वनि परीक्षण केंद्र:ध्वनि परीक्षण केंद्र की स्थापना एनएसटीएल में विभिन्न प्रकार के उपस्करों, मशीनों विस्फोटकों आदि में ध्वनि मूल्यांकन और अर्हता के लिए की गई है। जांच केंद्र में एक अप्रतिध्वनिक तथा एक प्रतिध्वनिक कक्ष होता है। 
 

अप्रतिध्वनिक कक्ष: यह नौसेना महत्व के व्यापक फ्रीक्वेन्सी क्षेत्र में उपस्कर मशीनरी के शोर विकिरण विशेषताओं के आंकलन के लिए प्रयोग किया जाता है। यह प्राथमिकता कक्ष के अंदर कक्ष का प्रकार है जिसमें बाहरी और आंतरिक दीवारों, फर्श और छत के बीच 1 भी वायु अंतर होता है। ये आंतरिक कक्ष हेवी ड्यूटी रबर पैडों में प्लवित होते हैं। आंतरिक कक्षों की लंबाई चौड़ाई 10 x10 भी और ऊंचाई 6.8 मी. होती है। आंतरिक कक्ष की भीतरी दीवारें फनाकार ध्वनि अवशोषक से पंक्तिबद्ध होते हैं।

प्रतिध्वनिक कक्ष:यह किसी सामग्री की ध्वनि संबंधी गुणधर्म को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह भी कक्ष के भीतर कक्ष के प्रकार का होता है जिसमें बाहरी और आंतरिक कक्ष दीवारों के बीच सभी जगह 1 मी. वायु अंतर होता है। छत की ऊंचाई 5.14 मी. होती है। इस प्रतिध्वनिक कक्ष का आंतरिक कक्ष भी रबर पैड़ों में प्लवित होता है। दिवारें असामानन्तर होती हैं, विपरीत दीवारें एक दूसरे से 5 डिग्री का कोण बनाती हैं। छत भी फर्श से 5 डिग्री का कोण बनाता है।
ध्वनि टैंक सुविधा: ध्वनि टैंक सुविधा भी जल के भीतर पारक्रमण यंत्रों जिनमें पास और दूर फील्ड स्थितियां उत्पन्न की जा सकती है, के व्यास मापने के लिए स्थापित किए गए हैं. टैंक 8मी. x 8मी. x 8मी. आकार के होते हैं। 3कि.हार्ज और उससे ऊपर की फ्रीक्वैंसी पर कार्यरत पारक्रमण यंत्रों के व्यास मापे जा सकते हैं।

फील्ड परीक्षण सुविधा : जल के भीतर प्रणालियों में बड़ी तादाद में महत्वपूर्ण संघटक और उप प्रणालियां शामिल होती है, जिन्हें मुश्किल समुद्री जल वातावरण में प्रचालित करना होता है। ये अत्यंत्त हाइड्रोस्टेटिक दबाव स्थितियों के अध्यधीन होता है। इन उप-संघठनों इत्यादि को सीधे समुद्र में परीक्षण करना बुद्धिमानी नहीं होगी क्योंकि परीक्षण के दौरान ऐसी प्रणीलियों को क्षति पहुंज सकती है। इसलिए वास्तविक फील्ड स्थितियों में कुछ सीमित परीक्षण आवश्यक हैं। समुद्र जैसी स्थितियां सृजित करना और साथ ही जांच/परीक्षण की विफलता की स्थिति में पानी से उपस्कर प्राप्त करने से सफल होने के प्रयोजनार्थ एनएसटीएल ने नागार्जुन सागर,आईएनशिपअस्त्रवाहिनीऔ

नागार्जुन सागर में झील परीक्षण सुविधा 

एनएसटीएल ने जल के भीतर प्रणालियों और उप एसेम्बलियों में परीक्षण के लिए फील्ड परीक्षण सुविधा स्थापित की हैं। यह सुविधा नागार्जुन सागर झील में स्थापित की गई हैं जो बड़ा अंतर्देशी जल विद्युत जलाशय है और यह पूरा भरा होने पर लगभग 60 मीटर गहरा हो जाता है तथा सूखे मौसम में लगभग 30 मी. गहरा रहता है।
 

इस विशाल जलाशय का क्षेत्रफल लगभग 10-20 वर्ग कि.मी. है जो विस्फोटक और बारुदी सुरंग के लिए जल के भीतर परीक्षण किए जाने के लिए उपलब्ध है। यह सुविधा केटामारन लांच एंड रिकवरी वैसेल (सीटीएलआरवी) और जैमिनी नाव से सुस्सजित है। सीटीएलआरवी में ध्वनि संकेतक जो वैश्विक स्थिति संबंधी प्रणाली (जीपीएस) लगा है और स्कोटेल रडर्स और नोदन लगे हुए हैं,जिन्हेंजरुरतपड़नेपरनिकालाजासकताहै।

गोवा समुद्री तट पर जल के भीतर का क्षेत्रt 

शोर मापना और शोर को कम करना और चुम्बकीय संकेत इत्यादि को मापना चुस्त दुरुस्त जहाजी बेड़े के लिए अनिवार्य है। इसलिए, सभी जहाजों और पनडुबियों को उनके शोर और चुंबकीय संकेतों के लिए समय समय पर मापने की आवश्यकता होती है तथा मरम्मत के बाद पुनः फिट हुए संकेत को फिर से मापा जाता है। इस प्रयोजनार्थ, गोवा में जल के भीतर शोर और चुम्बकीय विक्षेत्रण स्थापित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में एमसीएमवी यानों के लिए डीजी रेंज और इस्पात जहाज और शोर रेंज शामिल हैं। शोर रेंज समुद्र पृष्ठ में लगे हाइड्रोफोन की श्रृंखला से जुड़े होते हैं और वे तट रिकॉर्डिंग स्टेशन से भूमिगत/पनडुबी केबलों के माध्यम से जुड़े होते हैं। जैसे ही जहाज शोर की रेंज के ऊपर से गुजरता है, संकेत ग्रहण किया जाता है और उसका विश्लेषण किया जाता है। दोषपूर्ण मशीनों/ढांचों, जो अत्यधिक शोर स्तर सृजित करते हैं, की पहचान की जा सकती है और मरम्मत/पुनः ठीक करने के लिए संस्तुत किए जाते है। एक बार यह कहने पर जांच फिर से यह देखने के लिए की जाती है कि अपेक्षित शोर का स्तर रखा गया है।

गोवा समुद्र तट में एनएसटीएल रेंज जांच केंद्र

जहाजों और पनडुबियों के अत्यधिक चुम्बकीय संकेतों से हवाई टोह इत्यादि के माध्यम से शत्रुओं द्वारा उनका पता आसानी से लग जाता है। इसलिए गोवा में एक चुम्बकीय संवेदकों की श्रृंखला स्थापित की गई है समुद्री पृष्ठ में चुंबकीय संवेदक लगाए गए हैं और जब कोई जहाजी पनडुबी इनके ऊपर से गुजरता है तो ये चुम्बकीय क्षेत्र में अवरोध उत्पन्न करेगा और डेटा तट स्टेशन पर अभिलिखित होता है। विश्लेषण के आधार पर जहाज को विक्षेत्रण तारों के माध्यम से उचित करंट पास करके विक्षेत्रण की सलाह दी जाती है। ऐसी एक या दो बार पुनरुक्तियां जहाज के चुम्बकीय संकेत को अपेक्षित स्तर पर वापस लाती है।

विस्फोटक इंजीनियरी केंद्र 

उच्च सटीकता रखने वाले संघटकों जैसे गाइरोस, नियंत्रण और निर्देश प्रणालियां, जहाज में कंप्यूटर इत्यादि के लिए अच्छा धूल-रहित और नियंत्रित पर्यावरणीय स्थितियों की जरुरत होती है। विस्फोटक इंजीनियरी केंद्र (टीईसी) ये स्थितियां प्रदान करता है और विस्फोटों और बारुदी सुरंगों के एकीकरण के लिए विशेष साधन और स्थिरता प्रदान करते हैं।

विद्युतीय नोदन परीक्षण केंद्र 

इस संकाय के प्रमुख उपस्कर हैं (क) उच्च गति वाले विस्फोटक मोटरों के परीक्षण के लिए 250 कि.वाट उच्च क्षमता वाले एकल शॉफ्ट डायनामोमीटर (ख) नोदन मोटरों की वर्तमान श्रृंखलाओं के परीक्षण के लिए 120 कि.वा. प्रति-प्रतिभ्रमण डायनामोमीटर (ज) उच्च क्षमता वाली विद्युत आपूर्ति 0-450 वी से, 0-1500 एडीसीओ

यह सुविधा अनुरक्षण के लिए, नोदन मोटरों के ओवर-हालिंग तथा नोदन बैटरियों के भण्डारण और रखरखाव के लिए काम में आती है।

उच्च दाब परीक्षण चैम्बर 

जल के भीतर शस्त्रों को काफी उत्पलावन दाब के माहौल में चलाने की आवश्यकता होती है। इसलिए यह जांच करने के लिए कि ये कितना दबाव झेल पाते हैं परीक्षण चेम्बरों की जरुरत होती है। ऐसा एक दाब जांच चैम्बर 600 मिमी. व्यास और 6500 मिमी. लंबा होता है। इसे जल गहराई के कई सौ मीटर के बराबर के बाहरी दाब के लिए शस्त्रों का परीक्षण प्रयोग किया जा सकता है।

जैसे कि इंजीनियरी और विज्ञान के प्रमुख क्षेत्र शस्त्र प्रणाली के विकास में योगदान करती है, विभिन्न परीक्षणों को करने के लिए अनेक छोटी परीक्षण सुविधाएं भी नागार्जुन सागर और अस्त्रवाहिनी आईएनएस जहाज में सृजित की गई है जिन्हें जल के भीतर उप-प्रणालियों के मूल्यांकन तथा पूर्ण समेकित शस्त्रों के मूल्यांकन के लिए प्रयोग किया जाता है।

आदिरुप कार्यशाला 

किसी डिजाइन और विकास गतिविधि के लिए जटिल और नाजुक स्वरुप के संघटकों को बनाने के लिए उच्च स्तरीय आंतरिक विनिर्माण क्षमताओं की जरुरत होती है। सामान्यतया ऐसी विशिष्ट मदों को ट्रेड फर्मों द्वारा नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए आंतरिक रुप से क्षमता का न्यूनतम स्तर बनाये रखने के लिए एनसीटीएल ने आदिरुप विनिर्माण कार्यशाला स्थापित की है। इस कार्यशाला में सामान्य प्रयोजन मशीनें और सीएनसी मशीनों सहित उच्च सटीकता वाली मशीनें होती हैं। इन मशीनों का प्रयोग करके कार्यशाला ने जल के भीतर के शस्त्रों और अन्य हार्डवेयर जैसे प्रक्षेपक टारगेट इत्यादि के विकास के लिए महत्वपूर्ण संघटक और सहायक कल पुरजे निर्मित किए जाते हैं। ताप दोलन प्रणाली के लिए आवश्यक अधिक सटीक और विश्वसनीय संघटकों प्रणाली उपस्कर भी कार्यशाला में विनिर्मित किए हैं। विकसित किए गए कुछ संघटक ताप नोदन के लिए दहन प्रणाली, दोलन अवलंबों के लिए रबर मोल्डिंग और शस्त्रों तथा अन्य उपस्करों के लिए स्थितिक और गतिशील ‘O’ रिंग/गैस्केट की पुनर्प्राप्ति में सहायक है।

तकनीकी सूचना संसाधन केंद्र 

सभी अनुसंधान और विकास संगठनों को इसकी गतिविधियों के क्षेत्र में नवीनतम सूचना की जरुरत होती है। वैज्ञानिकों को अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए अपने ज्ञान को अद्यतन करने की लगातार जरुरत पड़ती है। इस प्रयोजनार्थ, एनएसटीएल अपने तकनीकी सूचना संसाधन केंद्र को लगातार सुस्सजित करने का प्रयास कर रहा है।

नवीनतम सूचना प्राप्त करने के लिए यह इंटरनेट सुविधा से सुस्सजित है तथा यहां तकनीकी पुस्तकों के 9000 वॉल्यूम मौजूद हैं, पत्रिकाओं के 3800 बाउंड वॉल्यूम हैं तथा ठोस प्रति और सीडी-रोम में 3000 मानक विवरण हैं। यह लगभग 91 विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी पत्रिकाएं भी खरीद रहा है। एनएसटीएल स्थानीय एरिया नेटवर्क पर सभी वैज्ञानिकों को पुस्तकालय सूचना भी उपलब्ध हैं।

 
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