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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नौसेना विज्ञान तकनीकी प्रयोगशाला, (एनएसटीएल), विशाखापटनम, की स्थापना भारतीय नौसेना को शोध एवं विकास के संपूर्ण नौसेनिक व्यवस्था (अंतर्जलीय खान, टारपीडो, अग्नि नियंत्रण व्यवस्थाएं, हथियार छोड़ने वाले, लक्ष्य फंदे आदि) में आत्म निर्भर बनाने के लिए 20 अगस्त 1969 को की गई थी।
  एनएसटीएल की स्थापना अंतर्जलीय हथियारों, संबंधित व्यवस्थाओं और सामुद्रिक प्लेटफार्म की संरचनात्मक डिजाइन के कार्य की दिशा में की गई थी। प्रयोगशाला का दृषिकोण, मिशन एवं आंतरिक क्षमता निम्नांकित हैं:

दृषिकोण
 
एनएसटीएल उत्कृष्टता का एक केंद्र होगा
अंतर्जलीय हथियारों और संबंधित व्यवस्थाओं के डिजाइन, विकास एवं जांच के लिए, घरातल एवं उप-घरातल प्लेटफार्म एवं निकायों के द्रव्यगतिकी विज्ञान के अध्ययन के लिए और सामुद्रिक प्लेटफार्म के लिए गुप्त तकनीक
मिशन
सेवाओं में उत्पादनीकरण एवं प्रस्तुती की डिजाइन, विकास और मूल्यांकन तथा हल्केभार/भारी भार तारपीडों, खान एवं फंदों के लिए जांच सुविधा को स्थापित करना।
सतह से उप-सतह वाहन एव तारपीडों के लिए आदर्श अध्ययन द्वारा डिजाइन के तरीकों को विकसित करने के लिए विश्व श्रेणी की द्रव्यगतिकी जांच सुविधा को स्थापित करना। अल्पीकरण रडार आईआर, चुंबकीय, ध्वनिक एवं प्लेटफार्म की ओर ईएलएफई हस्ताक्षरों को लिए संरचनात्मक डिजाइन क्षमता एवं पदार्थों को विकसित करना।
गुणवत्ता नीति

एनएसटीएल एक प्रधान व्यवस्था प्रयोगशाला के रुप में कटिबद्ध हैं

नवीनत्तम तकनीकी विकास को सुनिश्चित करने के लिए अंतर्जलीय हथियारों, हथियार नियंत्रण व्यवस्था, सतह एवं जलमग्न प्लेटफार्मों के डिजाइन, विकास एवं जांच में उत्कृष्टता

संबंधित क्षेत्र से जुड़े विज्ञान एवं तकनीक में विशेषज्ञ सेवाओं को प्रदान करना

डीआरडीओ और अन्य ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करना जिनकी परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं
इसकी सेवा वाली तकनीकी क्षेत्र में निरंतर विकास

लागू होने वाले नियामक एवं सांविधिक आवश्यकताओं को पूरा करना।

ISO  9001 : 2000 पर आधारित आवश्यकताओं के लिए गुणवत्ता प्रबंधक व्यवस्था को क्रियान्वित मैसर्स लायड रजिस्टर्ड क्वीलिटी एंश्योरेंस द्वारा स्वीकृत

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