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निदेशक प्रोफ़ाइल

श्री एस.केदारनाथ शिनाय, ओएस ने 1 मार्च, 2015 से निदेशक, एनपीओएल, कोच्ची का कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने केरल विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक्स में विशेषज्ञता के साथ भौतिकी में एमएससी डिग्री तथा आईआईटी, मुंबई से कंप्यूटर विज्ञान में एम.टेक डिग्री प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1982-83 के दौरान बीएआरसी प्रषिक्षण स्कूल, ट्रांबे से न्यूक्लियर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में एक वर्षीय उच्च प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण किया तथा वर्ष 1983 में बीएआरसी के रिएक्टर नियंत्रण प्रभाग में वैज्ञानिक अधिकरी-सी के पद में कार्यभार ग्रहण किया जहां उन्होंने मेटालोग्राफिक इमेज विश्लेषण प्रणाली के विकास पर कार्य किया।

वे वर्ष 1984 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से जुड़े और उन्हें नौसेना भौतिक एवं समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (एनपीओएल), कोच्ची में वैज्ञानिक-बी के पद पर तैनात किया गया। एनपीओएल जिसे नौसेना के लिए पानी के नीचे निगरानी तथा संचार प्रणालियां विकसित करने में विशेषज्ञता प्राप्त है, में उन्होंने परियोजना प्रबंधक, प्रभाग प्रमुख, समूह प्रमुख तथा परियोजना निदेशक के पदों पर विभिन्न उत्तरदायित्वों को निभाया। इन क्षमताओं में उन्होंने अनेक परियोजनाओं तथा प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रमों जैसे एक्शन स्पीड टेक्टिल ट्रेनर, माडयूलर डाटा बस, देशी लाइट काम्बाट एयरक्राफ्ट-तेजस, नौसेना लडाकू जहाजों के लिए पतवार पर लगे सोनार तंत्र-एचयूएमएसए-एनजी तथा जहाजों, पनडुब्बियों और हवाई पट्टियों के लिए अन्य विभिन्न सोनार तंत्रों एव प्रौद्योगिकियों में अपना योगदान दिया। उन्होंने वर्ष 1986 के दौरान कार्नेजी मैलन विश्‍वविद्यालय तथा इंडुसटेक पीटसबर्ग, यूएसए द्वारा आयोजित उच्‍च साफटवेयर अभियांत्रिकी पद्धतियों मे तीन मास की अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। निदेशक का पदभार संभालने से पूर्व वे 5 प्रभागों के इलेक्‍ट्रानिक्‍स के विभिन्‍न क्षेत्रों जिनमें सिग्‍नल कंडीशनिंग, पावर इलेक्‍ट्रानिक्‍स, सिग्‍नल प्रोसेसिंग तथा सोनार तंत्रों के लिए एमबीडिड कंप्‍यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर सम्‍मिलित हैं, के सहायक निदेशक प्रभारी के रूप में कार्यरत रहे। उन्‍होंने एनपीओएल के सोनार से सुसज्‍जित पतवार परियोजना का भी पर्यवेक्षण किया ।

उन्हेंत भारतीय नौसेना के लड़ाकू जहाजों के लिए देश में तैयार एक फाइबर आप्टि्क डाटा बस प्रणाली के विकास में उनके योगदान के लिए वर्ष 1990 के लिए इलेक्ट्रा निक्सर में वासविक पुरस्काडर दिया गया। एचयूएसएसए-एनजी सोनार तंत्र जिसे भारतीय नौसेना के नवीन युद्ध पोतों पर स्थाेपित किया गया है और अन्यप अनेक नौसेना जहाजों पर लगाया जा रहा है, के सफलतापूर्वक विकास के लिए, परियोजना निदेशक के रूप में, उनकी अध्यपक्षता वाले दल को माननीय रक्षा मंत्री, श्री ए.के.एंटानी, द्वारा “वर्ष 2010 के लिए डीआरडीओ उत्कृ ष्टृ कार्य पुरस्का र” प्रदान किया गया। उन्हों ने वर्ष 2008 में ‘वर्ष के प्रयोगशाला वैज्ञानिक’ पुरस्काार सहित प्रयोगशाला स्तसर पर भी अनेक पुरस्काृर प्राप्त किए।

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