संपर्क

संस्थान अपने प्रबंधन शिक्षा कार्यक्रमों का लगातार नवीनीकरण और उन्नयन करता है। यह विभिन्न प्रबंधन विकास कार्यक्रमों और संकाय विनिमय/संकाय विकास के लिए आईआईएम, आईआईटी, भारतीय प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज (एएससीआई) आदिप्रतिष्ठित पेशेवर संस्थानों के साथ नियमित रूप से संपर्क रखता है। इस संस्थान द्वारा प्रस्तुत पाठ्यक्रम हमारे प्रदेय हैं। प्रमुख क्षेत्रों में हमारे उत्पाद हैं:-

प्रौद्योगिकी प्रबंधन

  • उत्पाद विकास
  • परियोजना प्रबंधन
  • प्रायोगिक प्रौद्योगिकी प्रबंधन

सामान्य प्रबंधन और अनुषंगी पाठ्यक्रम

  • संगठन व्यवहार
    • प्रबंधकीय नेतृत्व और टीम निर्माण
    • पारस्परिक संबंध और संचार कौशल
    • तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन
    • नेतृत्व विकास और उत्तराधिकार योजना
  • अनुषंगी पाठ्यक्रम
    • उन्नत कार्य अध्ययन पाठ्यक्रम
    • पार्श्विक प्रवेश के माध्यम से भर्ती वैज्ञानिकों के लिए अनुस्थापन पाठ्यक्रम
    • नए प्रोन्नत तकनीकी अधिकारी'ए'के लिए अनुस्थापन पाठ्यक्रम
    • टीम निर्माण के लिए बहिर्मुखी प्रशिक्षण/अभ्यास।

आईटीएम ने रक्षा मंत्रालय,सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्रों के अधीन विभिन्न संगठनों के लिए 450 परामर्शों का आयोजन किया है। आईटीएम में इन सभी परामर्शों की अंकीकरण कोष रखा गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम

आईटीएम का मुख्य अधिदेश डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और सैन्य सेवा के अधिकारियों के लिए प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रशिक्षण प्रणाली का उद्देश्य विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में प्रतिभागियों की क्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के दृष्टिकोण के साथ प्रतिभागियों के प्रौद्योगिकी प्रबंधकीय कौशल को बढ़ावा देना है। इसे प्रौद्योगिकी प्रबंधन,परियोजना प्रबंधन,अनुसंधान एवं विकास प्रबंधन औरगुणवत्ता प्रबंधन आदि क्षेत्रों में पाठ्यक्रमों के संचालन के माध्यम से हासिल किया गया है।

प्रशासन और भंडार संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। प्रतिभागियों को डीआरडीओ प्रयोगशालाओं,तीनों सेवाओं और रक्षा के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक प्रशिक्षण वर्ष (01 अप्रैल से31 मार्च तक) के लिए,आईटीएम लगभग 30 पाठ्यक्रमों और कार्यशालाओं का आयोजन करता है।

परामर्श परियोजनाएं

आईटीएम उन्नत कार्य अध्ययन पाठ्यक्रम के भाग के रूप में विभिन्न डीआरडीओ प्रयोगशालाओं और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ प्रबंधन परामर्श परियोजनाएं भी चलाता है। आईटीएम ने चार सौ से अधिक परामर्श कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। प्रबंधन परामर्शों में से कुछ का विवरण नीचे दिया गया है:

  • रक्षा भूमि प्रबंधन का सुधार
  • युद्ध क्षेत्र के भीतर सूचना प्रवाह का प्रबंधन मूल्यांकन (2005)
  • रेलवे वारंट,रियायती वाउचर,फार्म डी,सैन्य क्रेडिट नोट्स,रोड वारंट,वेतन खाते,पहचान पत्र और केंद्रीय बेस डाक घरों, सेना के लिए क्षेत्रीय डाक घरों द्वारावायु सेना और नौसेना इकाइयों के लिए अन्य जवाबदेह फार्मों का संग्रहण और जारी करना (2007)
  • सेना जैसे गैर-लाभ संगठन की तरह वर्ग बी,सी एवं डी के असैनिक कर्मियों का प्रबंधन। (2007)
  • सैन्य अस्पताल,देहरादून में ओपीडी (बाह्य एवं भीतरी) में स्टाफ बनाम काम का बोझ। (2007)
  • निर्मित क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए टैंक टी-72 में संभावित संशोधनों के अध्ययन (2012)
  • 2000 मीटर की दूरी पर 1200मिमी रोल्ड सजातीय आर्मर को हराने के लिए काइनेटिक ऊर्जा प्रक्षेपक के लिए नई पीढ़ी की सामग्री के साथ कार्यरत टैंकों पर 120मिमी/55 कैलिबर स्मूथ बोर बंदूकों की तैनाती हेतु पूर्व व्यवहार्यता का आंकलन एवं भारतीय सेना के लिए एक प्रेरण योजना की अनुशंसा। (2012)
  • भारतीय सेना में सरकारी पत्राचार/कागजी काम को कम से कम करने के लिए संभव तरीके का अध्ययन (2012)
  • कमांड जीएस आरईएस के भाग के रूप में नियंत्रण एवं जनगणना स्टोर के धारण के बारे में नीति का समीक्षात्मक अध्ययन। (2013)
  • सेना के आईटी रोड मैप 2010 के सफल क्रियान्वयन के लिए सेना में डेटा नेटवर्क प्रबंधन संवर्ग की आवश्यकता। (2013)
  • एक प्रौद्योगिकी उत्पाद के जीवन चक्र की लागत: परियोजना अध्ययन (2014)
  • 'सेना में कपड़े की मात्रा और गुणवत्ता 2014)
 
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