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दृष्टि

उच्च ऊर्जा सामग्री तथा संबद्ध प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केन्द्र बनना

उद्देश्य

उच्च विस्फोटकों, प्रोपेलैन्ट्स और पायरोटेक्निक्स से संबंधित सुविज्ञता और प्रौद्योगिकियां विकसित करना और प्रौद्योगिकियों को उद्योग को हस्तांतरित करना, भविष्य की चुनौतियों को पूरा करने के लिए अवसंरचना तथा वैज्ञानिक समझ का विस्तार करना।



उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) का इतिहास काफी पहले 1908 में शुरू हुआ, नैनीताल में रासायनिक जांचकर्ता कार्यालय के रूप में इसकी शुरूआत हुई थी। इसके नाम और स्थान निर्धारण में बहुत स1960 में, इसका नाम बदलकर विस्फोटक अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (ईआरडीएल) रखा गया और इसे पाषाण, पुणे में स्थापित किया गया।े परिवर्तन हुए।

डीटीआरएल 17 सितम्बर, 1988 को स्व लेखाकारी इकाई के रुप में अधिसूचित की गई।

 

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