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घटनाएँ

  • उच्च ऊर्जा पदार्थों (एचईएम) के स्तरोन्नयन के लिए सार्वभौमिक प्रायोगिक संयंत्र का उद्घाटन
  • एचईएमआरएल ने भविष्य के शस्त्रों और मिसाइल प्रणालियों के लिए उन्नत एचईएम के बड़े स्पेक्ट्रम को विकसित करने और उनका  स्तरोन्नयन करने के लिए एक ही परिसर में अत्याधुनिक सार्वभौमिक प्रायोगिक संयंत्र सुविधा (यूपीपी) सृजित की है। इसमें विभिन्न वॉल्युम के रिएक्टर और निर्माण सामग्री, क्वेन्चर्स, उच्च दक्षता वाला कच्ची सामग्री फीडिंग सिस्टम, फिल्ट्रेशन मॉड्युल, स्राव शोधन संयंत्र, गैस स्क्रबर, इत्यादि मौजूद हैं। नियंत्रण कक्ष में सभी प्रक्रिया मानदंडों पर नज़र रखी जाती है और दूर स्थित पीएलसी/एससीएडीए प्रणाली के माध्यम से नियंत्रण किया जाता है। दक्ष नियंत्रण प्रणाली और सुरक्षा उपायों से युक्त यूपीपी सुविधा मिलीग्राम से लेकर 20 किलोग्राम बैच स्तर तक के एचईएम के प्रसंस्करण/विकास के लिए उपयुक्त है।

    माननीय श्री मनोहर पर्रिकर, रक्षा मंत्री, एचईएमआरएल में यूपीपी का उद्घाटन करते हुए

    डा. एस. क्रिस्टोफर, सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग एवं महानिदेशक, डीआरडीओ तथा डा.सी.पी. रामनारायणन, डीएस एवं सीसीआर एंड डी (एचआर) की उपस्थिति में श्री मनोहर पर्रिकर, माननीय रक्षा मंत्री, भारत सरकार ने दिनांक 19 नवंबर 2015 को  यूपीपी सुविधा का उद्घाटन किया है।  श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल ने  मुख्य अतिथि के आगमन पर उनका स्वागत किया और वर्तमान में विकसित किए जा रहे और संभावित रूप से निकट भविष्य में शुरू किए जाने वाले उन्नत एचईएम के विकास और स्तरोन्नयन के संबंध में सार्वभौमिक प्रायोगिक संयंत्र के महत्व के संबंध में उन्हें जानकारी दी। माननीय  आर एम ने पीएलसी और एससीएडीए प्रणाली के माध्यम से नियंत्रण कक्ष से रिएक्टर-सह-क्वेन्चर को चालू करके इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया और इसे एचईएमआरएल (डीआरडीओ) को समर्पित किया।


  • एचईएमआरएल वार्षिक दिवस समारोह 2015
  • एचईएमआरएल ने शानदार तरीके से 1 मार्च, 2015 को अपना वार्षिक दिवस मनाया। इस अवसर पर, डीआरडीओ में 25 वर्ष पूरा करने के लिए 31 कर्मचारियों को श्री बी भट्टाचार्य, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल द्वारा सम्मानित किया गया। 16 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रयोगशाला स्तर पर डीआरडीओ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। डा. आर. के. सिन्हा, वैज्ञानिक ‘जी’ और उनके दल को ‘105 एमएम आईएफजी थर्मोबैरिक एम्युनिशन के विकास’ के लिए प्रौद्योगिकी समूह पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष का प्रयोगशाला वैज्ञानिक पुरस्कार श्री के. के. मिश्रा, वैज्ञानिक ‘सी’ और श्री पी.पी. सिंह, वैज्ञानिक ‘सी’ को प्रदान किया गया। डीआरटीसी संवर्ग के लिए प्रयोगशाला पुरस्कार डा. के.एस.कुलकर्णी, टीओ ‘डी’ को प्रदान किया गया जबकि प्रशासन एवं संबद्ध श्रेणियों के लिए प्रयोगशाला पुरस्कार श्री जे.जी. कदम, वरिष्ठ स्टोर सहायक को प्रदान किया गया। इसके अलावा, 65 अधिकारियों/स्टाफ को उनके उत्कृष्ट निष्पादन के लिए स्थानीय नकद पुरस्कार दिए गए। उत्कृष्ट वैज्ञानिक एवं निदेशक, एचईएमआरएल श्री बी भट्टाचार्य के हाथों से 2014-15 के दौरान विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए ट्रॉफियां भी दी गईं।

    एचईएमआरएल के वार्षिक दिवस समारोह के अवसर पर ट्रॉफियां प्रदान करते हुए श्री बी. भट्टाचार्य, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल


  • पश्चिमी जोन (इन्ट्रा-जोनल) वॉलीबॉल टूर्नामेंट- 2015
  •    एचईएमआरएल ने 08-10 दिसंबर, 2015 के दौरान पश्चिमी जोन (इन्ट्रा-जोनल) वॉलीबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन 08 दिसंबर, 2015 को श्री के.पी.एस. मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल द्वारा किया गया। एचईएमआरएल के अलावा पश्चिमी जोन डीआरडीओ प्रयोगशालाओं अर्थात् एआरडीई, आरएंड डीई (ई) एवं वीआरडीई, अहमदनगर की टीमों नें भी इस टूर्नामेंट में भाग लिया। डा. मनोज गुप्ता, ओएस एवं स्थानापन्न निदेशक, एचईएमआरएल ने 10 दिसंबर, 2015 को विजेताओं एवं उप-विजेता टीम को ट्रॉफियां एवं मेडल प्रदान किए। प्रदर्शन के आधार पर- एचईएमआरएल के खिलाड़ियों को पश्चिमी जोन टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए डीआरडीओ राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट हेतु चयनित किया गया है।

    श्री के.पी.एस. मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल, ने 08 दिसम्बर 2015 को पश्चिमी जोन (इंट्रा-जोनल) वॉलीबॉल टूर्नामेंट, 2015 का उद्घाटन वॉलीबॉल को उछालते हुए किया।


  • पश्चिमी जोन (इन्ट्रा-जोनल) बैडमिंटन टूर्नामेंट- 2015
  •    एचईएमआरएल ने 21-23 दिसंबर, 2015 के दौरान पश्चिमी जोन (इन्ट्रा-जोनल) बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित किया। इस टूर्नामेंट का उद्घाटन 21 दिसंबर, 2015 को श्री डी.के.कनकने, सह-निदेशक, एचईएमआरएल द्वारा किया गया। एचईएमआरएल के अलावा पश्चिमी जोन डीआरडीओ प्रयोगशालाओं अर्थात् एआरडीई, आरएंड डीई (ई), पुणे, एमएससी, देहु रोड, वीआरडीई, अहमदनगर, एनएमआरएल अम्बरनाथ की टीमों नें भी इस टूर्नामेंट में भाग लिया। श्री डी.के. कनकने, सह-निदेशक ने 23 दिसंबर, 2015 को विजेताओं एवं उप-विजेता टीम को ट्रॉफियां एवं मेडल प्रदान किए। एचईएमआरएल ने टीम चैम्पियनशीप जीती। प्रदर्शन के आधार पर एचईएमआरएल के 8 खिलाड़ियों को पश्चिमी जोन टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए डीआरडीओ राष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट हेतु चयनित किया गया है।

    एचईएमआरएल टीम को टीम चैम्पियनशीप ट्रॉफी प्रदान करते हुए श्री डी.के. कनकने, सह-निदेशक, एचईएमआरएल


    अन्य डीआरडीओ इन्ट्रा जोनल खेलकूद प्रतियोगिताओं में एचईएमआरएल की स्थिति

    क्रम सं.

    खेलकूद गतिविधि

    प्रतियोगिता

     राष्ट्रीय टूर्नामेंट हेतु पश्चिमी जोन टीम में एचईएमआरएल की स्थिति एवं प्रतिनिधित्व

    1

    फुटबॉल

    टीम स्टैंड

    विजेता (7 खिलाड़ी)

    2

    टेबल टेनिस

    टीम स्टैंड
    पुरुष एकल
    पुरुष डबल
    महिला एकल
    वरिष्ठ

    टीम चैम्पियनशीप (3 खिलाड़ी)
       

         उप-विजेता

    3

    वॉलीबॉल

    टीम स्टैंड

    तृतीय स्थान

    4

    बैडमिंटन

    टीम स्टैंड

    टीम चैम्पियनशीप (8 खिलाड़ी)

    5

    बैडमिंटन

    ओपन सिंगल पुरुष
    ओपन डबल पुरुष
    ओपन सिंगल महिला

    ओपन डबल महिला

    विजेता
    विजेता
    विजेता एवं उप-विजेता
    विजेता

  • हिंदी दिवस समारोह
  • हिंदी प्रत्रिका नवचेतना का विमोचन करते हुए, मुख्य अतिथि डॉ. अरूण पुजारी, पूर्व विभगाध्यक्ष्य, हिंदी विभाग

  • ठोस प्रोपेलैन्ट प्रणालियों में प्रगति संबंधी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला-2015 (आईडब्ल्यूएपीएस 2015)
  • उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, एचईएमआरएल ने भारतीय उच्च ऊर्जा सामग्री सोसायटी, एचईएमएसआई के साथ मिलकर 12-13 मार्च, 2015 के दौरान डा. एपीजे कलाम ऑडिटोरियम, पाशन में ठोस प्रोपेलैन्ट प्रणालियों में प्रगति संबंधी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला, आईडब्लयूएपीएस 2015 आयोजित की थी। इस कार्यशाला का उद्देश्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत को एक साथ जुटने और नई पीढ़ी की ठोस प्रोपेलैन्ट प्रणालियों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।

    इस कार्यशाला का उद्घाटन 12 मार्च, 2015 को डीआरडीओ के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (युद्ध सामग्री एवं युद्ध अभियांत्रिकी) श्री अनिल एम दातार द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में, उन्होंने परस्पर विचार विनिमय वाले सत्रों की आवश्यकता पर बल दिया और सभी प्रतिनिधियों को ठोस प्रोपेलैन्ट प्रणालियों के क्षेत्र में अत्याधुनिक तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों के संबंध में विचार विमर्श करने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने मुख्य अभिभाषण में उन्होंने उच्च ऊर्जा सामग्रियों में हुई प्रगतियों के संदर्भ में हथियार प्रणालियों में भविष्यगत प्रवृत्तियों पर जोर दिया।


  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2015
  • उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल), पुणे ने दिनांक 11 मई, 2015 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस- 2015 मनाया। श्री आर.के. तिवारी, महाप्रबंधक, आयुध कारखाना, देहु रोड इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों ने समारोह में भाग लिया। एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों को प्रौद्योगिकियों को उन्नत बनाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि विकसित राष्ट्रों के साथ विकास की गति बनाई रखी जा सके। समारोह के भाग के रूप में, श्री तिवारी ने “सतत अनुसंधान एवं विकास का प्रबंधन करना” विषय पर एक आमंत्रित चर्चा भी प्रस्तुत की।

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाने के दौरान, प्रयोगशाला में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे (i) तकनीकी पत्र प्रस्तुति (ii) एचईएम प्रौद्योगिकियों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और (iii) समूह 'ग' के कर्मचारियों के लिए अभिनव विचार। प्रत्येक कार्यक्रम के तीन सर्वोत्तम प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस वर्ष "हवा से गिराए जाने वाली हथियार प्रणाली के लिए पैराशूट के साथ रिटार्डिंग टेल यूनिट के विकास" के लिए फ्युल एयर एक्सप्लोसिव डिविज़न को "टेक्नॉलज़ि रॉलिंग ट्रॉफ़ी" प्रदान की गई। 'स्थिर फायरिंग के दौरान रॉकेट मोटर पर हीट फ्लक्स को मापने के लिए तकनीक और आंकड़ा विश्लेषण' पर श्री आर.के. कलाल, विज्ञान 'घ' द्वारा प्रौद्योगिकी दिवस व्याख्यान दिया गया।


  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 2015
  • उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल), पुणे ने दिनांक 27 फरवरी, 2015 को महान भारतीय भौतिकिविद सर सी.वी. रमण द्वारा 28 फरवरी, 1928 को रमण प्रभाव की अनूठी खोज की याद में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 2015 मनाया। इस अवसर पर डा. एस. पाल, माननीय उप-कुलपति, डीआईएटी, पुणे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए।

    एनएसडी- 2015 के भाग के रूप में, एचईएमआरएल ने विभिन्न गतिविधियां आयोजित की यथा विज्ञान प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन और पोस्टर निर्माण जो पाक्षिक अवधि तक चलीं। इस वर्ष के विज्ञान दिवस समारोह का विषय "राष्ट्र निर्माण हेतु विज्ञान" था। इन गतिविधियों में लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि के कर कमलों से प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।


  • राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह समारोह- 2015
  • उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल), पुणे में दिनांक 4 से 10 मार्च, 2015 तक राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया गया। इस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें सुरक्षा प्रश्नोत्तरी, सुरक्षा स्लोगन प्रतियोगिता शामिल थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के पूर्व-गतिविधि के रूप में सभी कर्मचारियों को सुरक्षा बैज और सुरक्षा उपहार वस्तुएं वितरित की गई। 5 मार्च, 2015 को, एचईएमआरएल के कर्मचारियों के लिए अग्नि सुरक्षा के संबंध में जागरूकता सृजित करने हेतु अग्नि शमन प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

    अंतिम दिन अर्थात 10 मार्च को सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण से संबंधित विभिन्न लेखों वाला एक सुरक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण (एस.एच.ई) बुलेटिन जारी किया गया और इस बुलेटिन के तीन सर्वोत्तम लेखों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वर्ष 2014 के दौरान सुरक्षा निष्पादन के आधार पर, पीवाईआरओ डिविज़न और एम.टी. डिविज़न को क्रमशः सर्वोत्तम परियोजना डिविज़न और सहायता डिविज़न के रूप में सुरक्षा ट्रॉफियां प्रदान की गई।


       अंत में, डा. एस. एन. अस्थाना, उत्कृष्ट वैज्ञानिक और स्थानापन्न निदेशक, एचईएमआरएल ने  विभिन्न उच्च ऊर्जा सामग्रियों के हथालन के दौरान सुरक्षा के महत्व पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया ।

    दिनांक 10.03.2015 को एचईएमआरएल  में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह समारोह- 2015 के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण बुलेटिन जारी करते हुए मुख्य अतिथि डा. एस. एन. अस्थाना, उत्कृष्ट वैज्ञानिक और स्थानापन्न निदेशक। तस्वीर में (दाहिने ओर) डा. डी.बी. सरवड़े, वैज्ञानिक 'जी' एडी/एसईडी भी दिख रहे हैं।


  • क्रिकेट टूर्नामेंट 2016 (पश्चिमी जोन)
  • एचईएमआरएल क्रिकेट टीम- डीआरडीओ पश्चिमी जोन क्रिकेट टूर्नामेंट के विजेता


  • वार्षिक दिवस समारोह- 1 मार्च, 2016
  • श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल, दीव प्रज्वलित करते हुए

    श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल, वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ

    श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल, प्रौद्योगिकी समूह पुरस्कार के विजेताओं के साथ

    वार्षिक दिवस समारोह के दौरान आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम


  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 29 फरवरी, 2016
  • डा. मनोज गुप्ता, ओएस एवं स्थानापन्न निदेशक, एचईएमआरएल मुख्य अतिथि डा. भरत बी. काले, निदेशक, सी-मेट, पुण को स्मृति चिह्न प्रस्तुत करते हुए

    कार्यक्रम के दौरान पुरस्कारों को प्रदान किया जाना

  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस- 8 मार्च, 2016
  • श्री डी.के. कनकने, स्थानापन्न निदेशक, समारोह के दौरान ऊर्जा पत्रिका का विमोचन करते हुए


  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस- 10 मार्च, 2016
  • एचईएमआरएल में 10.03.2016 को राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह समारोह के दौरान श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल और डा. डी.बी. सरवड़े, वैज्ञानिक 'जी' एवं एडी/एसईडी की उपस्थिति में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण बुलेटिन का विमोचन करते हुए मुख्य अतिथि कमा. एस. के. पटेल, निदेशक, डीक्यूआर एवं एस।


  • 9 नागरिक अधिकारपत्र
  • एचईएमआरएल डीआरडीओ की भांति ही समान नागरिक अधिकारपत्र रखता है।


  • मल्टीमीडिया सामग्री (उच्च गुणवत्ता चित्र और वीडि़यो)
  • मुख्य भवन


    परिसर दृश्य


    एचईएमआरएल में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का दौरा


    दिनांक 27.10.2015 को एचईएमआरएल में डा. एस क्रिस्टोफर, सचिव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और महा निदेशक, डीआरडीओ के दौरे के दौरान उनका स्वागत करते हुए श्री के.पी.एस मूर्ति, ओएस एवं निदेशक, एचईएमआरएल


  • स्वर्णिम पलः
  • डा. हरिद्वार सिंह, वैज्ञानिक, ईआरडीएल को 1983 में पुरस्कार प्रदान करते हुए भारत की माननीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी।


    1984 में भारत की माननीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी से टाइटेनियम ट्रॉफी प्राप्त करते हुए डा. के.आर.के राव, निदेशक, ईआरडीएल ।


    एचईएमआरएल के अपने दौरे के दौरान भारत के माननीय रक्षा मंत्री, श्री पी.वी. नरसिम्हा राव


    1996 में एचईएमआरएल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय उच्च ऊर्जा सामग्री संगोष्ठी।


    एचईएमसीई 2003


    भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह से टाइटेनियम ट्रॉफी-2007 प्राप्त करते हुए डा. ए.एस. राव, निदेशक, ईआरडीएल ।


    ठोस प्रोपेलैन्ट मोटरों के प्रसंस्करण में प्रगतियों संबंधी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला-2008


    एचईएमआरएल का शताब्दी समारोह- 2009


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