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director HEMRLश्री केपीएस मूर्ति,वैज्ञानिक, एच एवं निदेशक, एचईएमआरएल श्री केपीएस मूर्ति ने 1 अगस्त, 2015 को हाई एनर्जी मैटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी (एचईएमआरएल), पुणे के निदेशक के रूप में प्रभार संभाला। निदेशक, एचईएमआरएल के रूप में उनकी नियुक्ति से पहले उन्होंने आर्मामेन्ट रिसर्च एंड डेवेलपमेंट इस्टैबलिशमेंट के सह निदेशक के रूप में सेवाएं दी है और रॉकेटों, मिसाइलों, टॉरपेडों और बमों के लिए वारहेड और फ्यूज़ परियोजनाओं के डिज़ाइन और विकास के कार्य का संचलान किया है। उन्हें 07 अक्तूबर 2015 से एससी. ‘एच’ (उत्कृष्ट वैज्ञानिक) के ग्रेड पर पदोन्नत किया गया है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के पूर्व विद्यार्थी, श्री मूर्ति ने एआरडीई के साथ अपनी वैज्ञानिक यात्रा प्रारंभ की और पृथ्वी, आकाश, नाग, वायु रक्षा, निर्भय, इत्यादि जैसे विभिन्न मिसाइलों की वारहेड उप-प्रणाली के डिज़ाइन और विकास में उत्कृष्ट योगदान दिया। उन्होंने डेटोनेशन वेव एमिंग, डीप पेनेट्रेशन, थर्मोबैरिक वारहेड और हाई पर्फार्मेन्स शेपड चार्जेस जैसी कई उन्नत वारहेड प्रौद्योगिकियों के विकास में मुख्य भूमिका निभाई।

एक आत्म-निर्भर प्रचारक की भांति उन्होंने आयुध कारखानों को प्रौद्योगिकियों के अनेक हस्तांतरण (टीओटी) का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है और विकास एवं उत्पादन गतिविधियों में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया है।

28 वर्ष के अपने करियर में, उन्होंने फ्रैग्मेन्टेशन वारहेड, तृतीय पीढ़ी की टैंकरोधी मिसाइल प्रणाली हेतु टैन्डेम वारहेड, पेनेट्रेशन कम ब्लास्ट सब्म्युनिशन वारहेड, बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (बीएमडी) एप्लिकेशन हेतु फ्रैग्मेंट जेनेरेटर, जलगत अनुप्रयोग हेतु डाइरेक्शनल ब्लास्ट एंड शेप्ड चार्जेस, एमबीटी अर्जुन हेतु अभिनव पीसीबी एवं टीबी एम्युनिशन, 500 कि.ग्रा. सामान्य प्रयोजन एवं प्री-फ्रैग्मेन्टेड बम, रॉकेटों हेतु सब्म्युनिशन वारहेड, पायरो ऑपरेटेड सेफ्टी आर्मिंग मेकैनिज़्म (एसएएम), विभिन्न हथियार प्रणाली हेतु इम्पैक्ट डिले फ्यूज का विकास करने के लिए वैरिएबल मास पर्फार्म्ड फ्रैग्मेन्टेशन अवधारणा का प्रारंभ किया और इसे नवीन रूप प्रदान किया।

उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं, संगोष्ठियों और परिचर्चाओं में 32 से अधिक तकनीकी पत्र प्रकाशित किए हैं। उनके नाम से 4 पेटेंट हैं।

उन्हें अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं जिनमें वर्ष 2014, 2009 और 2005 में दिया गया डीआरडीओ अग्नि अवार्ड फॉर एक्सेलेन्स इन सेल्फ रिलायंस, 2014 एवं 2012 में डीआरडीओ अवार्ड फॉर पर्फार्मेन्स एक्सेलेन्स, 2008 में डीआरडीओ अवार्ड फॉर पाथ-ब्रेकिंग रिसर्च/आउटस्टैन्डिंग टेक्नोलॉजी डेवेलपमेंट, 2008 में डीआरडीओ साइंटिस्ट ऑफ द यर अवार्ड, 2007 में डा. बीरेन रॉय ट्रस्ट अवार्ड (एईएसआई), 2006 में डीआरडीओ लैब लेवल टेक्नोलॉजी ग्रुप अवार्ड शामिल हैं।

वह एयरोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया, हाई एनर्जी मैटेरियल सोसायटी ऑफ इंडिया (एचईएमएसआई) और इंडियन नेशनल सोसायटी फॉर एयरोस्पेस एंड रिलेटेड मैकेनिज्म (आईएनएसएआरएम) के आजीवन सदस्य हैं। वर्तमान में, वह अध्यक्ष के रूप में आईएनएसएआरएम के पुणे चैप्टर के प्रमुख और राष्ट्रीय स्तर पर इसके वाइस चेयरमैन हैं। वह अध्यक्ष के रूप में एचईएमएसआई के भी प्रमुख हैं।

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