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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल), पुणे डीआरडीओ के शस्त्र समूह के अंतर्गत आने वाली एक प्रमुख प्रयोगशाला है। एचईएमआरएल का इतिहास 1908 से प्रारंभ होता है, जब यह नैनीताल में रासायनिक परीक्षक के कार्यालय के रूप में प्रारंभ हुई थी। प्रयोगशाला से पहले इसके नाम, स्थान और चार्टर में अनेक परिवर्तन किए गए। अंततः, इसे 1960 में पुणे में एक्सप्लोसिव रिसर्च एंड डेवेलपमेंट लैबोरेटरी (ईआरडीएल) के रूप में अपना उचित स्थान प्राप्त हुआ। 35 वर्षों तक यह इसी नाम से जानी जाती रही और इसे उच्च ऊर्जा सामग्रियों के सभी स्कंधों जैसे रॉकेट और गन प्रोपेलैन्ट्स, उच्च विस्फोटकों, पायरोटेक्निक्स, पायलट प्लांट, इंस्ट्रूमेन्टेशन इत्यादि में सम्पूर्ण अनुसंधान और विकास गतिविधियों को शामिल करने के लिए दिनांक 1 मार्च, 1995 को उपयुक्त रूप से एचईएमआरएल के रूप में नया नाम दिया गया। आज, यह प्रयोगशाला पुणे शहर से  20 कि.मी. दूर सुतरवाड़ी में 850 एकड़ के क्षेत्र में फैली है। एचईएमआरएल एक आईएसओ 9001-2008 प्रमाणित प्रयोगशाला है।

 

वर्ष

नाम और स्थान

1908

रासायनिक परीक्षक कार्यालय (सीईओ), नैनीताल

1913

रासायनिक निरीक्षक (सीआई), नैनीताल

1921

रासायनिक निरीक्षक, रावलपिंडी

1936

रासायनिक निरीक्षक, पुणे

1942

मुख्य सैन्य विस्फोटक निरीक्षक (सीआईएमई), पुणे

1951

तकनीकी विकास प्रतिष्ठान (टीडीई), पुणे

1960

विस्फोटक अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला (ईआरडीएल), पुणे

1995

उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल), पुणे

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