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निदेशक की प्रोफाइल


Director - DMRL

प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. दशरथ राम, को रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद में तिथि 23 अक्टूबर, 2018 से निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।


डॉ. दशरथ राम मोतीलाल नेहरू क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज से स्वर्ण पदक विजेता हैं, जिसे अब एनआईटी, इलाहाबाद के रूप में जाना जाता है। वर्ष 1984 में उन्होंने अपनी बीटेक पूर्ण की और डीआरडीएल में वैज्ञानिक के रूप में शामिल हुए हैं।


उन्होंने वर्ष 1992 में क्रैनफील्ड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से "एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी" में मास्टर डिग्री और वर्ष 2007 में कोयंबटूर की भरथियार यूनिवर्सिटी से "प्रोडक्शन इंजीनियरिंग" में पीएचडी की।


उनके पास मिसाइल हार्डवेयर्स के प्रोटोटाइप निर्माण, निर्माण प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं के विकास में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने डीआरडीएल में अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा की स्थापना की। उन्होंने उद्योगों के लिए प्रणोदन और एयरफ्रेम जैसे मिसाइल हार्डवेयर के उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


वर्तमान में, वे सहायक निदेशक और परियोजना निदेशक हाइपरसोनिक विंड टनल और कार्यक्रम निदेशक पीजे-10 हैं। एक परियोजना निदेशक के रूप में, वे हैदराबाद में बड़े आकार की हाइपरसोनिक विंड टनल सुविधा स्थापित करने के लिए जिम्मेदार हैं।


उन्हें कार्यक्रम निदेशक पीजे-10 के रूप में विभिन्न ब्राह्मोस मिसाइल उपप्रणाली के विकास और स्वदेशीकरण के कार्य सौंपे गए हैं। वे ब्राह्मोस मिसाइल के उत्पादन के लिए मिसाइल एकीकरण और पहचान एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हेतु एकीकृत बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए भी जिम्मेदार हैं।

वे एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के स्वर्ण जयंती पुरस्कार के प्राप्तकर्ता हैं। उन्होंने चालीस से अधिक पत्र-पत्रिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका और सम्मेलनों में प्रकाशित किया है। उन्होंने अन्ना यूनिवर्सिटी, जेएनटीयू, हैदराबाद, उस्मानिया विश्वविद्यालय और एनआईटी वारंगल से पीएचडी की थीसिस का मूल्यांकन किया है।

वे इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ प्रोडक्शन इंजीनियर्स के फेलो हैं और द एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल सोसायटी फॉर एयरोस्पेस और संबंधित यांत्रिकी और सोसाइटी फॉर फेल्योर एनालिसिस के सदस्य हैं।

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