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श्री किरण रिजजु, माननीय केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री, भारत  सरकार ने 4 सितंबर, 2015 को डीएमएसआरडीई कानपुर का दौरा किया।


डा. वी. भुजंगराव (बाएं), डीएस एवं डीजी (एनएस एवं एम), डीआरडीओ श्री किरण रिजजु, माननीय केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री, भारत सरकार को मेमेन्टो देते हुए


श्री किरण रिजजु (दाएं से द्वितीय) बुलेट प्रूफ जैकेटों मे गहरी रूची दर्शाते हुए

बुलेट प्रूफ जैकेट विकासकर्ता दल के साथ श्री किरण रिजजु



श्री किरण रिजजु, माननीय केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री डा. एन. ईश्वरा प्रसाद निदेशक, डीएमएसआरडीई, कानपुर से चर्चा करते हुए।

श्री किरण रिजजु, माननीय केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए। .


कॉरपोरेट समीक्षा एवं डीजी का दौरा

प्रयोगशाला के प्रशासन, कार्यकरण और कल्याण उपायों के कार्यान्वयन इत्यादि की दृष्टि से इसकी स्थिति का आकलन करने के लिए 1 अक्तूबर, 2015 को डीएमएसआरडीई की कॉरपोरेट समीक्षा की गई। अध्यक्ष डा. भुजंग राव, डीएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) तथा डीआरडीओ मुख्यालय की एक टीम ने प्रयोगशाला के कार्यकरण और कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और समाधान प्रदान किए। .

कॉरपोरेट समीक्षा-2015 के अध्यक्ष डा. भुजंग राव, डीएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) तथा डीआरडीओ मुख्यालय की एक टीम डीएमएसआरडीई प्रयोगशाला, कानपुर से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए।


शिशुगृह (क्रेच) का उद्घाटन

डा. भुजंग राव, डीएस, ओएस, नैवेल सिस्टम एवं मैटेरियल (एनएस एवं एम) के महानिदेशक (डीआरडीओ) ने डा. एन. ईश्वरा प्रसाद, निदेशक डीएमएसआरडीई, कानपुर, डा. तंद्रा नंदी वैज्ञानिक ‘एफ’ सलाहकार महिला प्रकोष्ठ, डा. कविता अग्रवाल, वैज्ञानिक ‘डी’ प्रमुख, महिला प्रकोष्ठ और डीएमएसआरडीई, कानपुर के अधिकारियों और स्टाफ की उपस्थिति में ट्रांजिट परिसर में 1 अक्तूबर, 2015 को रक्षा सामग्री और भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के क्रेश का उद्घाटन किया।

डा. वी. भुजंग राव, डीजी (एनएस एवं एम) द्वारा क्रेश का उद्घाटन      डीजी (एनएस एवं एम) और निदेशक, डीएमएसआरडीई के साथ महिला प्रकोष्ठ के सदस्य।

 

सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह
सतर्कता और सुरक्षा विभाग, डीआरडीओ मुख्यालय, नई दिल्ली के पत्र संख्या डीवीएस/02/2054/पी/01 दिनांक 15 सितंबर 2015 के अनुदेशों के अनुसार 26 से 31 अक्तूबर 2015 के दौरान सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया गया। इस वर्ष के सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम थी “सुशासन के रूप में निवारक सतर्कता”। डीएमएसआरडीई में मनाया गया सतर्कता जागरूकता  सप्ताह 26 अक्तूबर, 2015 को 1100 बजे शपथ के साथ प्रारंभ हुआ, डा. एन. ईश्वरा प्रसाद, निदेशक, डीएमएसआरडीई, कानपुर द्वारा इसका संचालन किया गया जिसके उपरांत उन्होंने डीएमएसआरडीई के कर्मचारियों को संबोधित किया। डा. एन. ईश्वरा प्रसाद, वैज्ञानिक ‘जी’, निदेशक डीएमएसआरडीई, श्री एस.बी.यादव, वैज्ञानिक-जी, सतर्कता के कलस्टर हेड, श्री अमित सरैया, अध्यक्ष सतर्कता समिति द्वारा शपथ दिलाई गई और इसके बाद भारत के माननीय राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री के संदेश पढ़े गए। सम्पूर्ण सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान श्री एस.बी.यादव, वैज्ञानिक-जी के मार्गदर्शन के अधीन कई कार्यक्रम आयोजित हुए।


डा. एन. ईश्वरा प्रसाद, निदेशक, डीएमएसआरडीई कानपुर 26 अक्तूबर, 2015 को  सतर्कता जागरूकता सप्ताह समारोह का उद्घाटन करते हुए


डीएमएसएआरडीई ने कलाम के 84 वें जन्मदिवस 15 अक्तूबर, 2015 को कलाम स्मारक सामग्री विज्ञान व्याख्यान श्रृंखला का प्रारंभ किया


भारत रत्न डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख और भारतीय सामरिक मिसाइल प्रणालियों के जनक डीआरडीओ समुदाय में सभी के लिए एक मार्गदर्शक रहे हैं। 26 जुलाई, 2015 को शिलांग में आईआईएम में एक व्याख्यान देते हुए उनके अचानक हुए निधन ने उनकी प्रेरणा को सजीव रखने के लिए उनकी महान स्मृति को बनाए रखने हेतु हमें प्रेरित किया है। इस प्रयोजनार्थ, डीएमएसआरडीई कानपुर ने एक कलाम स्मारक सामग्री विज्ञान व्याख्यान श्रृंखला (केएमएमएसएलएस) प्रारंभ की है जिसमें प्रत्येक वर्ष उनके जन्मदिवस अर्थात 15 अक्तूबर को किसी प्रख्यात सामग्री वैज्ञानिक द्वारा व्याख्यान दिया जाता है। इस श्रृंखला का प्रथम व्याख्यान 15 अक्तूबर, 2015 को श्री कलाम के 84वें जन्मदिवस पर डा. इन्द्ननील मन्ना, निदेशक, आईआईटी, कानपुर द्वारा दिया गया था।

कार्यक्रम डा. तंद्रा नंदी, वैज्ञानिक-एफ द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत के साथ प्रारंभ हुआ जिसके बाद डीएमएसआरडीई के निदेशक डा. एन. ईश्वरा प्रसाद द्वारा व्याख्यान श्रृंखला का शानदार उद्घाटन किया गया। माननीय डा. ए.पी.जे अब्दुल कलाम जब रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार थे और भारत के राष्ट्रपति थे, उस दौरान डीएमएसआरडीई के साथ साझा किए गए उनके सुनहरे पलों के साथ-साथ उनके अनुकरणीय जीवन, करियर का विस्तृत ब्यौरा डा. डी.के.सेतुआ और डा. एस.एम. अब्बास द्वारा प्रस्तुत किया गया। दोनों प्रस्तुतियां बहुत प्रशंसनीय थी और डीएमएसआरडीई सभागार में उपस्थित सम्पूर्ण डीएमएसआरडीई समुदाय और अतिथियों द्वारा बहुत सराही गई । इसके बाद “सामग्री विज्ञान इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी- समृद्धि और आत्मनिर्भरता की ओर निर्बाध प्रगति हेतु एक तार्किक मार्ग” विषय पर डा. इन्द्रनील मन्ना द्वारा उद्घाटन केएमएमएसएलएस व्याख्यान दिया गया जिसकी अध्यक्षता प्रो. एल एम मनोचा, राजा रमन्ना डीआरडीओ फेलो ने की। अंत में, डीएमएसआरडीई के श्री अमित कुमार द्वारा आयोजन समिति की ओर से धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कार्यक्रम समाप्त हुआ।


मुख्य अतिथि डा. इन्द्रनील मन्ना और निदेशक डीएमएसआरडीई, डा. एन. ईश्वरा प्रसाद डा. कलाम को श्रद्धांजलि देते हुए

निदेशक डीएमएसआरडीई मुख्य अतिथि डा. इन्द्रनील मन्ना का सम्मान करते हुए, डा. एल एम मनोचा, राजा रमन्ना डीआरडीओ फेलो साथ में।

डीएमएसआरडीई के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ डायस पर गणमान्य व्यक्ति


डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) का डीएमएसआरडीई प्रयोगशाला दौरा जो 19 नवंबर, 2015 को हुआ


डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) का प्रयोगशाला दौरा के अवसर पर स्वागत (19 नवंबर, 2015)

दौरे के दौरान (19 नवंबर, 2015) डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) को एनबीसी सूट प्रौद्योगिकी की व्याख्या करते हुए डा. अनुराग श्रीवास्तव


19 नवंबर, 2015 को डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) के दौरे के दौरान नैनोमैटेरियल्स निदेशालय में उपलब्ध अवसंरचना को दर्शाते हुए डा. आलोक श्रीवास्तव


19 नवंबर, 2015 को डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम) के दौरे के दौरान नैनोमैटेरियल्स निदेशालय में विकसित नैनोमैटेरियल्स के बारे में व्याख्या करते हुए डा. आलोक कुमार श्रीवास्तव


दौरे के दौरान (19 नवंबर, 2015) युवा वैज्ञानिकों, सभी शोध फेलो और महिला सेल की सदस्यों के साथ बैठक करते हुए डा. एस.सी. सति, ओएस एवं डीजी (एनएस एवं एम)


सीपीएमएम की प्रथम उत्पादन ईकाई का हस्तांतरण
फ्लाइट डेटा रिकार्डर के कॉम्पैक्ट प्रोटेक्टेड मेमोरी मॉड्युल

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