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कार्यक्षेत्रः

डीएमएसआरडीई ने कार्य के निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्षमता विकसित की हैः

पोलीमर विज्ञान और प्रौद्योगिकी

  • पोलीमर- पारंपरिक और आणविक रूप से इंजीनियर किए अनुप्रयोग उन्मुख उन्नत पोलीमर और पोरीमेरिक ब्लेन्ड का संश्लेषण और विकसा तथा उन्हें संगत अवयवों/उत्पादों (इंजीनियरिंग पोलीमर , उच्च तापमान पोलीमर, कंडक्टिंग पोलीमर इत्यादि) में रूपांतरित करना।
  • सम्मिश्र सामग्रियां- रक्षा अनुप्रयोगों हेतु वांछित करा्यों के साथ फाइबर रीइन्फोर्सड पोलीमेरिक कम्पोजिक का डिज़ाइन, विकास और फैब्रिकेशन (बैलिस्टिक प्रोटेक्टिव, उच्च तापमान, संरचनात्मक कम्पोजिट, ईएमआई शील्डिंग इत्यादि)
  • इलास्टोमर- रणनीतिक और एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए नई पीढ़ी के इलास्टोमर और एडहेसिव का डिज़ाइन, विकास और मूल्यांकन
  • स्पेशियलिटी पेन्ट और कोटिंग- रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए पेन्टों और कोटिंग का निर्माण और मूल्यांकन

फाइबर विज्ञान और प्रौद्योगिकी

  • फाइबर और फैब्रिक्स- रक्षा सेवाओं के लिए कैमोफ्लेज कपड़े, विशिष्ट परिधान एवं शेल्टर हेतु विशिष्ट गुणों वाले उन्त फाइबर, फैब्रिक्स और बुनाइओं का डिज़ाइन, विकास
  • कोटिंग- इंटरएक्टिव और स्मार्ट टेक्सटाइल अनुप्रयोगों हेतु विशिष्ट कोटिंग और फीनिश का डिजाइन और विकास

नैनोस्ट्रक्चर सामग्रियां

  • फुल्लेरनेस, कार्बन नोनोट्यूब्स (सीएनटी), कार्बन बीड़्स, कार्बन मॉलिक्युलर सीव्स तथा अन्य कार्बन संरचनाओं जैसी कार्बोनेसियस माइक्रो और नैनो- स्ट्रक्चर समाग्रियों का डिज़ाइन, विकास और मूल्यांकन कार्य
  • अन्य सामग्रियों के नैनोट्यूब्स और चुम्बकीय धात्विक और अंतर्धात्विक नैनो-कणो का डिज़ाइन और विकास
  • कार्बो-ग्रैफाइट सामग्रियों और अवयवों का डिजाइन और विकास

सम्बद्ध सामग्रियां

  • आर्गैनो मेटैलिक सामग्रियों और अकार्बनिक पोलीमर का संश्लेषण और गुण-निरूपण।
  • स्पेशियलिटी ल्यूब्रिकैन्ट्स और ग्रीसों का विकास और गुण-निरूपण
  • हाइड्रोलिक फ्लयुड, रिकॉयल फ्लयुड और कूलेन्टों का विकास और गुण-निरूपण

प्रयोगशाला से प्रायोगिक संयंत्र स्तर तक प्रक्रियाओं का स्तरोन्नयन निम्नलिखित के क्षेत्र में

  • पोलीमर
  • कार्बनिक और अकार्बनिक सामग्रियां

निम्नलिखित का गुण-निरूपण और मूल्यांकन

  • पोलीमर
  • पोलीमेरिक कम्पोजि़ट
  • इलास्टोमर और एडहेसिव (आसंजक)
  • फाइबर और फैब्रिक्स
  • ल्यूब्रिकैन्टस और ग्रीस

वर्ष 2016 के लिए वर्तमान के प्रमुख क्षेत्रः

वर्ष 2016 के लिए निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है और इन सभी गतिविधियों की निदेशक द्वारा मासिक आधार पर निगरानी की जाएगी। सभी संबंधित व्यक्तियों को सलाह दी जाती है कि वे इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दें और गतिविधि को निर्धारित समय में पूरा करें।

  • जीएसक्यूआर 1438 के अनुसार बुलेट प्रूफ जैकेट (डा. आर. के. तिवारी, वैज्ञा. 'एफ')
  • बूट एंटी माइन इन्फैन्ट्री (डा. आर. के. तिवारी, वैज्ञा. 'एफ')
  • पनडुब्बी आकांक्षा हेतु हाइड्रोलिक फ्लयुड (डा. आर. के. तिवारी, वैज्ञा. 'एफ')
  • वी. पैकिंग रिंग और कॉलर (डा. डी.एन. त्रिपाठी, वैज्ञा. 'जी')
  • एनएसटीएल टॉरपैडो के लिए नैनोकम्पोज़िट आधारित रोटार और स्टैटर (डा. के. मुखोपाध्याय, वैज्ञा. 'एफ')
  • ठोस अवस्था एफडीआर हेतु कॉम्पैक्ट प्रोटेक्टेड मेमोरी मॉड्यूल (श्री एस.डी. खत्री, वैज्ञा. 'जी')
  • पोली टाइटैनो कार्बो-साइलेन आधारित उच्च तापमान वाला पेन्ट (डा. ए. रंजन, वैज्ञा. 'एफ')
  • एचओटीएस ऑयल का प्रमाणन (डा. तंद्रा नंदी, वैज्ञा. 'एफ')
  • टी-90 हेतु  एमसीएस (डा. टी.सी. शमी, वैज्ञा. 'एफ')
  • एमएसपीसीई (स्क्रीन और पोन्चो) (डा. टी.सी. शमी, वैज्ञा. 'एफ')
  • एमबीटी अर्जुन हेतु एमएससीएन (डा. एस.एम. अब्बास, वैज्ञा. 'एफ')
  • बर्फीली क्षेत्रों हेतु एससीएन (श्री के.के. गुप्ता, वैज्ञा. 'ई')
  • स्पेशियलिटी प्राइमर (डा. शिलेन्द्र कुमार, वैज्ञा. 'एफ')
  • जल शोधन हेतु उच्च पोरोसिटी नैनो-कम्पोजिट आधारित मेम्ब्रेन (डा. के. मुखोपाध्याय, वैज्ञा. 'एफ')
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