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निदेशक प्रोफाइल

डा. के. रामाचंद्रन, वैज्ञानिक 'जी' को 01 मार्च 2013 से रक्षा मनोवैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान (डी आर्इ पी आर) के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। आपका जन्म वर्ष 1963 में हुआ था। आपने वर्ष 1983 में मद्रास विश्वविधालय से मनोविज्ञान विषय में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और तत्पश्चात भरतियार विश्वविधालय से वर्ष 1985 में अनुप्रयुक्त विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। आपने वर्ष 1986 में मद्रास विश्वविध़ालय से एम फिल की उपाधि तथा वर्ष 2006 में दिल्ली विश्वविधालय से डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। आपने प्रायोगिक तथा मानव अभियांत्रिकी, विमानन मनोविज्ञान तथा पर्यावरण मनोविज्ञान के क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त की है।

आपने अपने करियर की शुरुआत में सी एम सी, वेल्लोर में मनोवैज्ञानिक के रूप में, साइकोबिहेवियरल किलनिक (मद्रास) में परामर्शदात्री मनोवैज्ञानिक के रूप में तथा मद्रास विश्वविधालय में स्टूडेंटस काउंसलिंग ब्यूरो में करियर काउंसलर के रूप में थोड़े-थोड़े समय तक काम किया। इन अल्पावधिक कार्यों के पश्चात आपको वर्ष 1989 में डी आर डी ओ में वैज्ञानिक 'बी के रूप में उल्लेखनीय नियुकित प्राप्त करने का अवसर मिला। आप इस वर्ष डी आर डी ओ के अधीनवर्ती रक्षा मनोवैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान (डी आर्इ पी आर) से जुड़े और तब से आप प्रायोगिक तथा मानव अभियांत्रिकी, विमानन मनोविज्ञान तथा पर्यावरण मनोविज्ञान से संबंधित परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। आपके द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों के फलस्वरूप अत्यधिक ऊंचार्इ पर सिथत सियाचिन ग्लेशियर के क्षेत्रों में तैनात सैन्य दलों तथा अंटार्कटिका में कार्य कर रही वैज्ञानिक टीम के सदस्यों को स्थानीय पर्यावरण से मनोवैज्ञानिक आधार पर स्वयं को अनुकूलित करने के लिए विभिन्न परीक्षण तथा सहायक उपकरण तैयार किए गए हैं। सशस्त्र सेना के कार्मिकों के चयन के लिए उपकरणों तथा पद्धतियों का अभिकल्पन तथा विकास आपके द्वारा प्राप्त की गर्इ विशिष्ट उपलबिधयों में शामिल है। इस संबंध में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारियों तथा जवानों के चयन, श्रेणीकरण तथा सेवा स्थापन के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षणों को समय-समय पर प्रभावी रूप में विकसित, परिष्कृत तथा आशोधित किया गया है। कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (सी पी एस एस) के श्रृंखला उत्पादन, जो किसी भी जीवनविज्ञान प्रयोगशाला के लिए अद्वितीय है, के लिए कार्यक्रम निदेशक के रूप में आपने इस क्षेत्र में अत्यधिक उल्लेखनीय उपलबिध प्राप्त की है। कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (सी पी एस एस) के संबंध में भारतीय वायु सेना तथा डी आर डी ओ के बीच करार ने जीवन विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में डी आर्इ पी आर की अनन्यता को सिद्ध किया है।

अनुसंधान क्रियाकलापों के अतिरिक्त, आप अध्यापन के कार्य में भी गहरी रुचि लेते रहे हैं तथा 1989 के बाद से आज तक सभी प्रकार के सैन्य तथा असैन्य पाठयक्रमों के संकाय में प्रतिभागिता करके आपने अपनी इस रुचि को प्रदर्शित किया है। आपने डी आर्इ डी आर में सशस्त्र सेना के कार्मिकों के लिए सैन्य मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर (एम एससी) पाठयक्रम आरंभ कराने में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभार्इ है।

आपके द्वारा अर्जित किए गए व्यापक अनुभव तथा आपकी विगत उपलबिधयों को ध्यान में रखते हुए आपको मानव अभियांत्रिकी पैनल तथा वैमानिकी विकास अनुसंधान बोर्ड में सदस्य के रूप में नामित किया गया है। आपका व्यकितत्व विपुल अनुभव तथा विशेषज्ञता का समिमश्रण है। आपने डी आर्इ पी आर में समय-समय पर विभिन्न पदों को सुशोभित किया है। आपने प्रायोगिक तथा मानव अभियांत्रिकी प्रभाग एवं तकनीकी समन्वय प्रभाग के पर्याप्त रूप में एक लंबी अवधि तक प्रमुख के रूप में कार्य किया है। आप अपने व्याख्यानों तथा अपनी संगठन क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं। आपको अनेक अंतर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय सम्मेलनों, सेमिनारों एवं विभिन्न संगठनों में आयोजित की गर्इ कार्यशालाओं में भाग लेने का श्रेय प्राप्त है। विभिन्न पुस्तकों तथा पत्र-पत्रिकाओं एवं सम्मेलन की कार्यवाहियों में आपके अनेक लेख प्रकाशित हुए हैं। अनुसंधान प्रक्रियाओं से संबंधित अत्यधिक कुशाग्र मेधा से युक्त होने के फलस्वरूप आपने अनेक अनुसंधान परियोजनाओं तथा वैज्ञानिक एवं तकनीकी रिपोर्टों को पूरा किया है। विज्ञान के विषय में आपके द्वारा किए गए योगदान के लिए आपको वर्ष 2003 का डी आर डी ओ प्रौधोगिकी पुरस्कार तथा आत्मनिर्भरता में उत्कृष्टता हेतु अगिन पुरस्कार-2005 से पुरस्कृत किया गया है। आपको पी एस जी एंड संस चैरिटीज, कोयंबतूर द्वारा वर्ष 2009 का भूतपूर्व छात्र पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। आप भारतीय अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान अकादमी तथा मद्रास साइकोलाजिस्टस एसोसिएशन के आजीवन सदस्य हैं।

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