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पुरस्कार



पुरस्कार/मान्यताएं/सम्मान

   

 

2009

  • डा. अनुज बंसल, वैज्ञानिक 'ई' को पेपर 'चुहे के मस्तिष्क में हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया से कोबाल्ट अनुपूरण वृद्धि सहनशीलता और आसान पर्यनुकूलन' के लिए 18 फरवरी 2009 को डीएफआरएल, मयसूर में डा. टी वसुंधरा मेमोरियल उत्कृष्ठ पेपर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • डा. आशिष गुप्ता, वैज्ञानिक सी' को 'तेज और पुराने घावों के उपचार के लिए मरहम पट्टी करने के लिए पीवीए-पीईजी सेमी-आईपीएन आधारित निममित गैर-संक्रमित दवा के विकास' की स्वीकृति के लिए अनुसंधानात्मक पेपर के लिए अगस्त 2009 में चिकित्सीय विज्ञान की राष्ट्रीय अकादमी (भारत), अंसारी नगर, नई दिल्ली द्वारा  डा. एसएस मेमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री. सुनिल कुमार होटा को डा. डीएम कार पुरस्कार-09 से सम्मानित किया गया।
  • डा. गोसल खान, वैज्ञानिक 'डी' को एएनजेडपीआरए/15वां आईएफपीए बैठक में उपस्थिति के लिए 'द वाईडब्ल्यू लोक न्यू इंवेस्टिगेटर ट्रेवल आवार्ड 2009. ऐडिलेड, आस्ट्रेलिया, से सम्मानित किया'
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक ने 14 सितंबर 2009 को एचएएमआरसी में आयोजित उच्च प्रतिष्ठा चिकित्सा में बढ़ते रुझान' पर सीएमई में एक महत्वपूर्ण    भाषण दिया
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक को एक प्रसिद्ध अध्यक्ष और 7 दिसंबर 2009 को ट्रिप्पल हैलिक्स ऑडिटोरियम, सीएलआरआई, अडयार, चैन्नई में आयोजित 'जीव विज्ञान में बढ़ते और विलय क्षेत्रों' के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सम्मानित अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया।
  • डा. डी मजुमदार, वैज्ञानिक 'एफ' – माननीय महा सचिव, इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमिक्स
  • डॉ मजूमदार एससी 'एफ' ने कोलाकाता स्थित कलकत्ता विश्वविद्यालय में 17 से 19 दिसंबर, 09 के बीच आयोजित एचडब्ल्यूडब्ल्यूई- 09 में थीम स्पीकर के रूप में अपना भाषण दिया।
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  • डा. केशिपरा मिश्रा, वैज्ञानिक ‘एफ’ को नेशनल एन्वायरमेंट साइंस अकेदमी (नेसा), भारत की ओर से उच्च श्रेणी का वैज्ञानिक पुरस्कारसे सम्मानित किया गया।
  • डा. केशिपरा मिश्रा, वैज्ञानिक ‘एफ’ नेसा कार्यकारी समिति के सदस्य हैं।
  • डा. केशिपरा मिश्रा, वैज्ञानिक ‘एफ’ ‘पोपुलेशन रिसर्च’ अखबार/पत्रिका के संपादकीय समिति के सदस्य हैं।
  • डा. केशिपरा मिश्रा, वैज्ञानिक ‘एफ’ परियोजना मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति, एसएवंटी विभाग के विशेषज्ञ सदस्य हैं।

 

2008

  • श्री सुरेश ठाकुर को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में स्थित चुलाबहोर्न रिसर्च इंस्टीट्यूट में मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ऑफ स्ट्रेस रिस्पॉन्स, सेल स्ट्रेस-2008 (25-29 मार्च, 08) पर आयोजित सेमिनार में बेहतरीन पोस्टर प्रजेंटेशन के लिए पुरस्कृत किया गया। उनके पेपर का टाइटल था- एचएसपी30 डिलीशन लीड्स टू इनएप्रोप्रिएट एक्टीवेशन ऑफ एक सबसेट ऑफ स्ट्रेस रिस्पॉन्स फंक्शंस एंड काउजेज मैटिंग टाइप स्वीचिंग इन सेकैरोमाइसेज सेरेविसिए।
  • डा. जी इलावाजघान, निदेशक ने 6 सितंबर 2008 को ओसमानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से 6ठा वार्षिक वेपचहेडू गोपीकृष्णा राव एंडोमेंट पुरस्कार प्राप्त किया।
  • श्री सुनिल कुमार होटा को दिहर, लेह द्वारा नफशा 2008 उत्कृष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री विशाल जैन, जेआरएफ को इब्रो बेसिक स्कूल के लिए इब्रो ट्रेवल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री सुनिल कुमार होटा और सुश्री कल्पना बढवाल, एसआरएफ को एडवांस न्युरोसाइंस स्कूल, आस्ट्रेलिया के लिए इब्रो ट्रेवल पुस्कार से सम्मानित किया गया।
  • श्री सुनिल कुमार होटा, एसआरएफ को भारतीय न्यूरोसाइंस अकेदमी के XXVI वार्षिक सम्मेलन के दौरान उनकी पेपर प्रस्तुति ''नोवल मोलिकुलर मैकेनिजम हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया'' के लिए डा. डीएम कार पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • सुश्री के बढवाल एवं श्री सुनिल होटा, एसआरएफ को एपीएसएमएम-08, दिल्ली में उत्कृष्ठ पोस्टर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक, को 23 और 24 जनवरी 2008 में महिला वालियामाल कॉलेज, चैन्नई में 'माइक्रोबायोलॉजि में वर्तमान प्रवृत्ति' पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था।
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक, को 14 मई 2008 में वेल्लौर तकनीकी संस्थान, वेल्लौर में आयोजित ‘कार्मोटोग्राफी और मोलिकुलर बायोलॉजि तकनीक’ में प्रथम प्रायोगिक ग्रीष्म प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था।
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक, को  14 नवंबर 2008 को पीएसजी फार्मेसी कॉलेज, पीलामेढू, कोयमबतुर, के स्नातक दिवस पर मुख्य अतिथि के रुप में सम्मानित किया गया था।
  • डा. जी इलावाघान, निदेशक, ने 19 दिसंबर 2008 को समारक पर राष्ट्रयीय स्तरीय संगोष्ठी पर प्रसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता के फिजिक्सोलॉजि विभाग के 32वें पुनर्मिलन उत्सव में विशेष अतिथि के रुप में उपस्थिति की और राष्ट्रीय स्तरीय अतिथि स्पीकर के रुप में "डा. अनीमा दत्ता मेमोरियल" पर भाषण दिया 
  • डॉ जी लावजगन, निदेशक- ने 19 दिसंबर, 2008 को कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोलॉजी के 32वें पुनर्मिलन समारोह के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में स्पेशल गेस्ट ऑफ ऑनर और गेस्ट स्पीकर के रूप में 'डॉ एनिमा दत्ता मेमोरियल ऑरेशन' पर भाषण दिया।
  • डा. मजुमदार, वैज्ञानिक ‘एफ’ – भारतीय एर्गोनॉमिक्स सोसाइटी के मानीनय महा सचिव है।
  • डा. मजुमदार, वैज्ञानिक ‘एफ’ मेडिकल साइंस के अल अमीन मेडिकल कॉलेज के संपादकीय बोर्ड के सदस्य हैं।
  • डा. डी मजूमदार, वैज्ञानिक ‘एफ’ – रिलेक्सेशन अलाउंसेस, ब्योरो ऑफ इंडियन स्टैंड्डराइजेशन के लिए उप-समिति के सदस्य हैं।

 

2007

  • दिपास को 7 जुलाई, 2007 की तारीख में ऊंची जगहों पर रहने वाले सैन्यकर्मियों और आम लोगों के उपयोग के लिए एक एंटी-फ्रॉस्टबाइट के रूप में उपयोग के लिए अलोए वीरा क्रीम के डिजाइन और विकास के लिए डिफेंस टेक्नोलॉजी स्पीन-ऑफ अवार्ड-2006 दिया गया।
  • तमिलनाडु के चिदंबरम में स्थित अन्नामलाई यूनिवर्सिटी में 3-7, 2007 को आयोजित 94वीं इंडियन साइंस कांग्रेस (आईएससी-2007) के दौरान प्राइड ऑफ इंडिया प्रदर्शनी में डीआरडीओ पैविलियन को मोस्ट इंटेरेक्टिव एक्जीबिट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
  • डा. इलावाघान, वैज्ञानिक, ‘एफ’ 5 जनवरी 2007 में आईएससी-2007 चिदंब्रम, तामिल नाडू में 5 जनवरी 2007 के दौरान फिजियोलॉजिकल साइंस के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए प्रशंसीय प्रतीक के रुप में पीएसआई द्वारा प्रो. जेएन मित्रा मेमोरियल पुरस्कार प्रदान किया गया
  • डॉ जी इलावाझगन एससी 'एफ' को 5 जनवरी, 2007 को तमिलनाडु के चिदंबरम में आयोजित आईएसी-2007 के दौरान फिजियोलॉजिक साइंसेज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पीएसआई द्वारा प्रोफेसर जेएन मैत्रा मेमोरियल अवार्ड ऑरेशन से सम्मानित किया गया।
  • डॉ एस गीता एससी 'सी' को 22 सितंबर, 2007 को तिरूचिरापल्ली में आयोजित 28वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान बायोमेडिकल साइंसेज के क्षेत्र में 'साइटोप्रोटेक्टिव एंड एंटीऑक्सिडेंट एक्टिविटि ऑफ सीबकथोर्न (हिप्पोफेईरैमलॉइड्स एल) अगेंस्ट सोडियम नाइट्रोप्रूसाइड इनड्यूस्ड ऑक्स्डेटिव डैमेज इन लिम्फोसाइट्स' नामक रिसर्च पेपर के लिए  सर्वश्रेष्ठ रिसर्च पेपर का अवार्ड दिया गया।
  • श्री सुरेश ठाकुर, जेआरएफ ने 17-से 19 नवंबर 2007 को लखनऊ में आयोजि भारतीय जैवविज्ञान के 5वें वार्षिक सम्मेलन "जैवविज्ञान में उन्नति और रणनीति: एक वैश्विक परिदृश्य" के दौरान पोस्टर सत्र के लिए कांसीय पदक एवं नकद पुरस्कार प्राप्त किया था।
  • श्री अरकादेव दत्त, एसआरएफ को 6-8 दिसंबर, 2007 में फरीदाबाद आईआईटी
  • में पीएसआई के 18वें वार्षिक सम्मेलन में 'viii ओआरजी कमिटि (1996), पीएसआई विद्यानगर यूनिवर्सिटी मिदनापुर' द्वारा पेश सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रजेंटेशन के लिए यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया। उनके पेपर का नाम था- 'रिड्यूश प्लाज्मा लेप्टिन मे बी रिस्पॉंसिब फॉर डिक्रिज्ड ऑक्सीडेशन ऑन फैटी एसिड्स इन रैट एक्सपोज्ड टू कोल्ड हाइपोक्सि एनवायरमेंट'।
  • श्री. पी. मैथी, एसआरएफ को 6-8 दिसंबर 2007 के दौरान फरीदाबाद तकनीकी संस्थान, फरीदाबाद में आयोजित 19वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान ‘प्रो. पी बी सेन मेमोरियल रिसर्च प्राइज’ से सम्मानित किया गया।
  • श्री अभिषेक भारद्वाज, वैज्ञानिक 'बी' को जनवरी-मई 2008 के दौरान, पाविया विश्वविद्यालय, इटली में सहायक मेडिसिन प्रोफेसर डा. लुसियानों बैनाडी के साथ कार्य करने के लिए सीआईसीओपीएस-2008 (इंडो-इटेलियन जवाइंट रिसर्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत) स्कौलरशिप के लिए चुना गया।

 

2006

  • 3-7 जनवरी 2006 को आचार्य एन जी रंगा एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी, हैदराबाद में आयोजित 93वीं इंडियन साइंस कांग्रेस, के दौरान आयोजित की गई प्रदर्शनी ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ में डीआरडीओ पवेलियन के पास बहुत से मशहूर प्रदर्शनी पुरस्कार प्राप्त करने का सम्मान है।
  • डीआईपीएएस 13 मार्च 2006 से स्टैंडर्डराईजेशन, टेस्टिंग एवं क्वालिटी सर्टिफिकेशन (एसटीक्यूसी) निदेशालय, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, द्वारा ISO 9001:2000 प्रमाणित है। 19 अप्रैल 2006 को डा. डब्ल्यू सेल्वामूर्थी, सीसी आरएवंडी (एलएस एवं एचआर) की अध्यक्षता में डीआईपीएएस में पुरस्कार समारोह आयोजित हुआ।
  • डीआईपीएएस ने पत्र संख्या डीओपी/02/25003/डीआरडीओ पुरस्कार/एम/01 दिनांक 18 अप्रैल 2006 देखें, शोर प्रेरित सुनवाई हानि के विरुद्ध संरक्षण हेतु कार्बन श्वास प्रणाली के अपने डिजाइन और विकास के लिए वर्ष 2005 में रक्षा प्रौद्योगिकी स्पाइन-ऑफ पुरस्कार प्राप्त किया।
  • 23 सितंबर 2006 को माउंट आबू में डब्ल्यूसीसीपीसी 2006 के औपचारिक अधिष्ठान पर वैश्विक घटनाओं में नैदानिक एवं निवारक कार्डियोलॉजि में बेहतरीन योगदान में  उनकी उत्कृष्ठता के लिए उन्हें डा. आरसी सवाहनी, वैज्ञानिक 'जी' को डा. एपीजी अबदूल कलाम द्वारा वर्ल्ड कांग्रेस पर नैदानिक एवं निवारक कार्डियोलॉजि (डब्ल्यूसीसीपीसी)- 2006 विशिष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • सुश्री वसुधा शुकला, एसआरएफ को 4-6 नवंबर 2006 को अखिल भारतीय स्वच्छता एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य, कोलकाता, में राष्ट्रीय पोषण संस्थान, हैदराबाद में आयोजित भारतीय पोषण समीति की XXXVIII वार्षिक बैठकों के दौरान प्रयोगात्मक पोषण के लिए पेपर पेश करने पर युवा वैज्ञानिक कनिष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • 19-23 दिसंबर 2006 के दौरान सूरत में डा. पीके बेनर्जी, निदेशक को डीआईपीएएस में भारतीय फिजियोलॉजिस्ट एवं फार्माकोलॉजिस्ट की एसोसिशयन के वार्षिक सम्मेलन में मैजर जनर्ल एसएल भाटिया भाषण पुरस्कार दिया गया।
2005
  • डा. पीके बेनर्जी, वैज्ञानिक 'जी', निदेशक, डीआईपीएएस 3-7 जनवरी 2005 में अहमदाबाद में आयोजित इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन (2004-2005) के 92वें सत्र के लिए चिकित्सीय विज्ञान के अनुभाग (फिजियोलॉजी सहित) के प्रमुख थे। 
  • डॉ पीके बनर्जी, निदेशक, डिपास, को न्यूयॉर्क के मैरी अन लीबर्ट इंक के इंटरनेशनल जर्नल 'एंटीऑक्सीडेंट एंड रिडॉक्स सिग्नैलिंग' के संपादकीय बोर्ड में शामिल किया गया है।
  • डॉ आशीष गुप्ता, एससी 'डी' को इंडियन सोसायटी ऑफ वूंड मैनेजमेंट 'वूंडकॉन' के 8वें वार्षिक सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ प्रजेंटेशन अवार्ड दिया गया। इसका आयोजन जे बी रॉय स्टेट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कोलकाता में 5-6 मार्च 2005 के बीच किया गया था। उनके पेपर का नाम था-'हीलिंग पोटेंशियल ऑफ सीबकहोर्न (हिप्पोफेई रैमोइड्स एल) लीफ एक्सट्रेक्ट ऑन डर्मल वूंड्स इन अलबिनो रैट्स।'
  • डॉ प्रवीण वैट्स, एससी 'सी' को 'हाई अल्टीच्यूड इन्ड्यूस्ड एनोरेक्सिया: इफेक्ट ऑफ चैंजेज इन लेप्टिन एंड ऑक्स्डेटिव स्ट्रेस लेवेल्स' नामक पेपर के लिए 25 से 27 नवंबर, 2005 के बीच आयोजित सेमिनार में सर्वश्रेष्ठ पेपर का अवार्ड दिया गया।
  • डॉ प्रवीण वत्स, एससी 'सी' को 'एनर्जी रिक्वायरमेंट एंड अपेटाइट रेगुलेटरी पेपटाइड्स इन हयूमन इन कोल्ड एनवायरमेंट ऑफ हाई अल्टीच्यूड्स एंड अंटार्कटिका' नामक पेपर के लिए आईएबएमएस के चौबीसवें वार्षिक सम्मेलन में दूसरे सर्वश्रेष्ठ पेपर का अवार्ड दिया गया।
  • डॉ शशी बाला सिंह, एससी 'एफ' को कोलकाता में 25 से 27 नवंबर 2005 के दौरान आयोजित आईएबीएमएस सम्मेलन में डॉ ए नमसिवायम अवार्ड दिया गया। यह अवार्ड 'शोर्ट एंड लोंग टर्म इफेक्ट आफ्टर डी-इंडक्शन फ्रॉम एक्सट्रीम अल्टीट्यूड' पर उनके काम के लिए दिया गया।
  • डॉ एससी लखेड़ा, एससी 'डी' को 2005-06 के लिए विज्ञान प्रगति नामक लोकप्रिय साइंस मैग्जीन के सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में शामिल किया। इसका प्रकाशन एनआईएससीएआईआर (सीएसआईआर), नई दिल्ली-110012, द्वारा किया जाता है।

 
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