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उत्पाद और प्रौद्योगिकी

कवचित प्रहरी कार (स्काउट कार)

कवचित प्रहरी कार का विकास 1 टन निशान के ढ़ाँच पर किया गया है जिसका उपयोग बलवाई वाले क्षत्रों में बी-वाहन के काफिलों कों रक्षा तथा सुरक्षित ले जाने के लिये किया जाता है । पुर्वी क्षेत्र में उसका उपयोग व्यापक रूप से किये जाने के कारण पहले से आयात कवचित कारों की जगह इसने ने ली है । 
   

कवचित रिकोवरी वाहन

 
उस वक्त् के लुप्त होते हुए सर्मन और सेन्चुरियन के बदले में कवचित रिकोवरी वाहन की डिजाईन विजयन्ता के मौलिक ढाँचे के उपयोग द्धारा किया गया है। डिजाईन को आशानुकूल 40 टन के अन्दर रखा गया ताकि भार उत्तोलन की क्षमता 10 टन तथा खींचने की क्षमता 25 टन प्राप्त किया जा सके।
   
130 मिलिमिटर एस पी गन – केटापुल्ट
एच ई एवं ए पी दोनों प्रकार की गोलों को दाग सकनेवाली स्वचालित मघ्यम आर्टिलरी गन गाड़ी के प्रत्येक ओर सात पहियों के स्टेशन रखे गये है जिससे दागने से उत्तपन्न उच्च दबाव सहन क्षमता तथा बडी़ रिक्वाईल लम्बाई की प्राप्ति सम्भव हो सके । हाईड्रालिक सस्पेन्सन लाकिंग सिस्टम गाडीं को गोला दागते समय स्थिरता प्रदान करता है। गन को ऊपर उठाने जाने की हद + 450 से -20 तक और क्षैतिक धुमावट प्रत्येक ओर 121/20 है। गन की सर्वाधिक रेन्ज 27 किलोमीटर है।  
   

बी एम पी 2 का परिवर्तित रुप ट्रैकदार मोर्टार परिवहन

81 मिलिमीटर मोर्टार अस्त्र को गाडी में रखकर गाडी के अंदर से ही दागने के लिये उसे प्रारुपित किया गया है । इसकी क्षमता से ऊपर की और उठने तथा क्षैतिज दिशा में मूल बिन्दु से प्रत्येक ओर घूम सकने की है । इस पर 108 मोर्टार के गोले संचित करके रखे गये हैं ।  
   

पुल वर्तक वहन (टी -72)

टी-72 के परिवर्तित ढाँचे पर सी वी आर डी ई तथा आर एण्ड डी ई द्वारा इसका प्रारूपण तथा विकास किया गया है। यह मध्यम वर्ग टैंकों में विश्व का अत्याधुनिक पुल प्रणाली है । यह विकल्प के साथ 20 मीटर या 22 मीटर वर्ग की 70 एम एल सी पुल अपने साथ ले जा सकता है जिसे भारतीय सेना में सेवारत एम बी टी अर्जुन सहित सभी टैंक उपयोग कर सकते हैं। इस यन्त्र की निर्यात सम्भावना भी अच्छी है। मध्यम टैंक पर यह विश्व में एक अत्याधुनिक पुल प्रणाली है। उपभोक्ता द्वारा परीक्षण सन् 1966 के दौरान सम्पन्न हुआ। बी एल टी 72 की 12 गाड़ियाँ एच वी एफ आवड़ी मे निर्माणाधीन हैं।

 
   

संग्राम उन्नत अजय

 

अजय भारतीय आर्म्ड कोर्प्स मे स्थायीरुप से सम्मिलित भारत में निर्मित टी-72 एम आई टैंक है । अजय का ही एक आधुनिक रुप है संग्राम परिवर्घित अजय, जिसपर आधुनिक दागने की नियंत्रण प्रणाली, अधिक चलयमान तथा सुरक्षा की बढोत्तरी का सामंजस्य किया गया है। समकालीन संग्राम के आवशयकतानुकूल संगाम परिवार्धित अजय के स्तर को आधुनिकतम बनाया गया है।

   

मुख्य युद्धक टैंक – अर्जुन

 
 

विभिन्न प्रकार के खतरों का सामना करने के लिये भारतीय सेना के सखत माप दण्ड़ों पर बनाया गया प्रारुप मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन आधुनिक प्रारुप को भरोसेमन्द तथा कारगर हथियार प्रणाली में परिवर्तन किये जाने का प्रतीक है। अत्याधुनिक टेक्नोलाँजी से लैस मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन सेना को रणभुमि में सर्वाधिक गोले दागने की क्षमता, तेज चलनशीलता तथा वेहतरीन सुरक्षा देनेवाली कलाकृति का एक टैंक प्रदान करता है। एच वी एफ में 12. अर्जुन गाडियाँ निर्माणीधीन हैं ।

   

कवचित एम्बुलेन्स

 

बी एम पी 2 पर कवचित एम्बुलेन्स का विकास सी वी आर डी ई द्वाराकिया गया है। सेना ने 50 कवचित एम्बुलेन्स गाडियों के निर्माण के लिये आयुद्घ निर्माणी, मेडक को आदेश दिया है ।

 
   

भीम टी-6

 
 

भीम नामक कलाकृति की 156 मी0 मी0 स्वाचालित तोप का विकास सी वी आर डी ई द्वारा मेसर्स एल आई डब्लयू दक्षिण आफ्रिका के टी 6 टरेट तथा अर्जुन के संसोधित ढाँचा प्रणाली के एकीककरण द्वारा किया गया है। मैदानी सफलतम परीक्षण के बाद इस यन्त्र को सेवा में शामिल कर लेने की सेना ने सिफारिश की है। 100 भीम गाडियों के उत्पादन के लिये मेसर्स बी.ई.एम.एल को मुख्य एजेन्सी स्वरुप नामजद किया गया है। मेसर्स बी.ई.एम.एल को भीम के ढाँच का निर्माण तथा टी 6 टरेट के साथ एकीकरण करना है।

   
एक्स-टैंक  
एक्स-टैंक बेहतर दगन शक्ति एवं कम वजन एवं कम लागत से उत्कृष्ट सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए टी-72 (अजेय) न्याधार एवं सबसे आधुनिक एमबीटी अर्जुन शस्त्र प्रणाली का संयोजन है।
   
एएमएजीबी  

सीवीआरडीई को विमान पर चढ़ाने वाले सहायक गीयर बक्से (एएमएजीबी) के प्रारंभिक डिजायन एवं विकास के साथ एलसीए के लिए हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) सौंपा गया था। परियोजना की स्वीकृति वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) रक्षा मंत्रालय बंगलुरू द्वारा दी गई थी, जो एलसीए के डिजायन एवं विकास के लिए प्रमुख एजेंसी है। एएमएजीबी एकल अंतर्धारित, बहु निर्गम गीयलबक्सा है, जो एलसीए इंजन से 16,810 आरपीएम दर की गति पर एक शक्तिशाली टेक-ऑफ के माध्यम से अपनी अंतर्धारित ड्राइव प्राप्त करता है।  यह अपने निर्गम पै़ड पर चार विमान सामान ले जाता है यानी दो हाइड्रॉलिक पंप, एक जेनरेटर और एक आरंभक इकाई। 
इसके साथ विमान की हाइड्रॉलिक एवं विद्युत पॉवर की आवश्यकताओं के बड़े हिस्से को पूरा करते हैं और इसलिए द्वितीयक पॉवर प्रणाली के निर्णायक हिस्से का निर्माण करते हैं।
गीयर बक्से मे अंतर्धारित गति आमतौर पर ऊंची होती है, करीब 17,000 आरपीएम; एवं पारेशित शिखर पॉवर 250 अश्वशक्ति होती है। इस एयरबोर्न गीयरबक्से के अन्य प्रमुख लक्षण हैं कम वजन (43 किलोग्राम), सुगठित, उच्च पॉवर-वजनअनुपातएवंसभीयुद्धयुक्तिचालनपरप्रभावीस्वनिहितस्नेहनप्रणाली उपलब्धकराईगईहै। 

   
हाइड्रॉलिक छलनी  

 

सीवीआरडीई,  हल्के लड़ाकू विमान-तेजस, लड़ाकू वाहन/एमबीटी-अर्जुन, कावेरी इंजन एवं एएलएच चरखी के लिए हाइड्रॉलिक एवं स्नेहन छलनी के डिजायन एवं विकास में अग्रणी है।

निम्न तालिका सीवीआरडीई द्वारा विकसित कुछ छलनियों के बारे में बताती है।

 

तेजस के लिए हाइड्रॉलिक छलनी

प्रवाह
(एलपीएम)

दाब
(बार)

रेटिंग
(माइक्रोन)

उच्च दाब (मुख्य) छलनी

120

280

15

निम्न दाव (मुख्य) छलनी

120

35

10

चरखी केस नाली (मुख्य) छलनी

15

35

25

उच्च दाब छलनी (इंडन चलित पंप)

35

260

15

उच्च दाब छलनी (मोटर चलित पंप)

12

210

15

केस चलित छलनी (इंजन चलित पंप)

5

35

25

   
अगस्तया  

सीवीआरडीई ने आरंभिक स्तर के गनर को क्लासरूम प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए अगस्तया डेस्कटॉप गोलंदाजी सिमुलेटर और एमबीटी अर्जुन के गनर को प्रक्रियात्मक, अव्यावसायिक एवं निगरानी कुशलता पर प्रशिक्षण के लिए पूर्ण विकसित गोलंदाजी सिमुलेटर विकसित किया है । ये सिमुलेटर का 43एआर, बीकानेर पर चालक प्रशिक्षण के लिए प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

प्रमुख लक्षण

  • स्व-निरुपित साफ्ट पैनल नियंत्रण की सहायता पीसी आधारित प्रक्रियात्मक प्रशिक्षण
  • द्विभाषी (हिंदी /अंग्रेजी) ऑनलाइन  सहायता
  • रेगिस्तानी / मैदानी क्षेत्रों के दिन एवं तापीय दृश्य अनुरूपण के लिए खुला जीएल
  • टैंक लक्ष्य एवं लक्ष्य बोर्ड के साथ युद्धमैदान अनुरूपण
  • दृश्य एवं कर्ण समकालन फायरिंग के लिए विशेष प्रभाव के साथ अस्त्र प्रक्षेपिकी अनुरुपण
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