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बिजली परीक्षण सुविधा (एलटीएफ)

आधुनिक विमान अत्यधिक गैर धातु मिश्रणों और संवेदनशील, फ्लाई- बाई- वायर प्रणाली जैसे जटिल उड़ान इलेक्ट्रॉनिक्स के उपयोग के कारण बिजली से बहुत अधिक असुरक्षित हैं। विमान पर बिजली के प्रभाव को मुख्य रूप से प्रत्यक्ष प्रभाव और अप्रत्यक्ष प्रभाव में वर्गीकृत किया गया है। प्रत्यक्ष प्रभाव बिजली की वजह से संलग्नता बिंदु और प्रवाहकत्त्व रास्तों पर होनेवाले भौतिक नुकसान हैं। इनमें स्थानीय जलना, मिश्रणों का सिकुड़ना, टूटना/बिखरना, ईंधन का प्रज्जवलन, बिजली के इंसुलेशन में सुराख आदि शामिल हैं। अप्रत्यक्ष प्रभावों में बिजली के विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र से नुकसान हैं जो विमान में इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के कामकाज बिगाड़ या बंद कर सकते हैं। आसपास बिजली के चमकने पर विमान के बिना उससे संलग्न हुए भी अप्रत्यक्ष प्रभाव का अनुभव हो सकता है।

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आधुनिक विमान को काफी परिमाण में कार्बन फाइबर कम्पोजिट(सीएफसी), फाइबर प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) जैसे मजबूत और हल्के वजन की मिश्रित सामग्री का उपयोग कर बनाया जाता है। अल्युमीनियम अधिकांश विमानों के निर्माण का मुख्य घटक बना हुआ है लेकिन विमानों विशेषकर सैन्य विमानों के निर्माण में मिश्रित धातुओं का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि, मिश्रित धातुएं बिजली के अच्छे संचालक नहीं हैं और बिजली से प्रभावित होने पर यह विमान के लिए समस्याएं पैदा कर सकते हैं। अल्युमीनियम अधिकांश विमान का निर्माण का मुख्य घटक बना हुआ है लेकिन विमानों विशेषकर सैन्य विमानों के निर्माण में मिश्रित धातुओं का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। एक अच्छी तरह का संचालित विमान का शरीर बिजली के प्रवाह को विमान की बाहरी त्वचा के माध्यम से गुजरने की अनुमति देता है और यह अंतरिक्ष में समाप्त हो जाती है या दूसरे बादल या जमीन तक पहुंच जाती है। इस प्रवाहकत्त्व और निर्वहन के लिए विमान का उचित रूप से डिजाइन किया जाना आवश्यक है।

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इसके अलावा मिश्रित सामग्री में संवहन की क्षमता कम होती है या नहीं होती, यह बिजली के विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र से कम परिरक्षण प्रदान करता है जबकि विमान के अंदर के इलेक्ट्रॉनिक्स को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए कि उसमें इन उच्च शक्ति क्षेत्रों को झेलने की क्षमता हो।

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इसलिए विमान को बिजली के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के प्रभाव को झेलने के लिए उचित ढंग से डिजाइन किया जाना चाहिए। इसके लिए गहन जांच की आवश्यकता है, जो बिजली संरक्षण योजनाओं के डिजाइन और बिजली के प्रभाव के खिलाफ विमान की योग्यता में मदद करता है।

और यही वह जगह है, जहां रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की पूरी तरह से स्वदेश में डिजाइन की गई और निर्मित बिजली (लाइटनिंग) परीक्षण सुविधा (एलटीएफ) मदद करती है, यह एशिया में अपनी तरह की अकेली सुविधा है और विमानस्थ प्रणाली केंद्र का एक हिस्सा है। एलटीएफ में, विमान और विमान प्रणालियों की, बिजली के झटकों की सबसे खराब स्थिति को झेल सकने की क्षमता का परीक्षण किया जा सकता है।

बिजली के झटकों के प्रत्यक्ष प्रभाव का अनुकरण करने के लिए 4000 केवी वोल्टेज और 2,00,000 एम्पीयर्स तक के प्रवाह को, विमान या विमान के एक घटक में अंतःक्षिप्त किया जाता है। विमान की इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों और उपकरणों पर बिजली के अप्रत्यक्ष प्रभाव के अनुकरण और विश्लेषण के लिए एलटीएफ में अनेक वोल्टेज/विद्युत जनरेटर और निदानिकी (डायग्नॉस्टिक्स) भी हैं। विमान संरचना पर बिजली के प्रवाह के लिए एक अच्छी तरह परिभाषित और कम प्रतिबाधक रास्ता प्रदान करने के माध्यम से प्रत्यक्ष प्रभाव के खिलाफ संरक्षण प्राप्त किया जा सकता है।

इसमें मिश्रित संरचनाओं की त्वचा में धातु पट्टियां या तांबे के जाल को अंतःस्थापित करना शामिल है। धातु के भागों, विशेष रूप से ईंधन वाष्प क्षेत्रों में किसी भी चिंगारी को रोकने के लिए इनके बीच उचित संबंध (जुड़ाव) सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

परिरक्षण प्रदान करने, तारों (केबल) को छिद्रों से दूर रखने, अच्छे अस्तर और जुड़ाव तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के टर्मिनलों पर उछाल सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग करने के माध्यम से अप्रत्यक्ष प्रभाव के खिलाफ संरक्षण प्राप्त किया जा सकता है।

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